सर्दी-जुकाम, बंद नाक या गले में खराश जैसी समस्याएं बेहद आम होती हैं. खासकर मौसम में जरा भी बदलाव होने पर व्यक्ति इन परेशानियों से घिर जाता है. अब, इस कंडीशन में तुरंत आराम पाने के लिए ज्यादातर लोग दवाइयों की तरफ भागते हैं, लेकिन आयुर्वेद में कुछ ऐसे आसान और असरदार उपाय हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत दे सकते हैं. आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर दो ऐसे ही घरेलू उपाय बताए हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-

क्या हैं ये तरीके?

अपने इंस्टा हैंडल पर शेयर की गई एक पोस्ट में न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं, नाक बंद होने या जुकाम, गले में खराश जैसी समस्याओं से तुरंत राहत पाने के लिए आप पानी में कुछ खास चीजें मिलाकर भाप ले सकते हैं.  केवल इतना करने से ही आपको अपनी सेहत में तुरंत सुधार देखने को मिल सकता है.सर्दी या वायरल की शुरुआत में ऐसे लें भाप

न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं, अगर आपको सर्दी की वजह से जुकाम हुआ है या है, तो आप अजवाइन की भाप ले सकते हैं. इसके लिए आपको 1 चम्मच अजवाइन, 1 तेज पत्ता और एक चुटकी काली मिर्च की जरूरत होगी.

कैसे लें भाप?

  • इन तीनों चीजों को पानी में डालकर तब तक उबालें, जब तक पानी अच्छे से खौल न जाए और उसमें से न भाप निकलने लगे. ऐसा होने पर गैस बंद कर दें. 
  • तैयार पानी को किसी बड़े बर्तन में भरकर रखें. 
  • अपने सिर पर तौलिया रखकर 5–7 मिनट तक गहराई से भाप लें.

कैसे मिलेगा फायदा?

श्वेता शाह बताती हैं, अजवाइन और काली मिर्च की तीखी भाप नाक के बंद रास्तों को खोलती है और सांस लेना आसान बनाती है. वहीं, तेज पत्ता वायरस से लड़ने में मदद करता है. ये नुस्खा खासतौर पर शुरुआती सर्दी या वायरल के वक्त बेहद असरदार है.सर्दी, खांसी, बंद नाक और छाती में जकड़न 

वहीं, अगर आपको सर्दी, खांसी, बंद नाक या छाती में जकड़न जैसी परेशानी हो, तो इस कंडीशन में आप तुलसी-अजवाइन स्टीम ले सकते हैं. इसके लिए आपको 7-8 तुलसी के पत्ते, 1 चम्मच अजवाइन, एक चुटकी सेंधा नमक और 2-3 बूंद यूकेलिप्टस ऑयल की जरूरत होगी.कैसे लें भाप?

  • इन सभी चीजों को भी पानी में डालकर अच्छे से उबालें. 
  • सिर को तौलिए से ढककर लगभग 5-8 मिनट तक भाप लें.

कैसे मिलेगा फायदा?

आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं, तुलसी और अजवाइन दोनों ही कफ को बाहर निकालने में मदद करते हैं. यूकेलिप्टस ऑयल अगर मिलाएं तो और भी तेज असर दिखता है. इससे छाती और साइनस दोनों साफ होते हैं और बंद नाक खुलती है.इन बातों का रखें ध्यान

  • भाप लेते समय आंखें हमेशा बंद रखें.
  • पानी से चेहरे को उचित दूरी पर रखें. 
  • दिन में 1–2 बार भाप लेना पर्याप्त है.
  • इन सब से अलग छोटे बच्चों को भाप देते समय सावधानी बरतें.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031