सड़क विकास के साथ हरियाली का नया अध्याय लिखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण का बड़ा अभियान चलाया है। ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ के तहत इस वर्ष अब तक 2 लाख 71 हजार 253 पौधे लगाए गए हैं। इनमें से 2 लाख 2 हजार 959 नए पौधे लगाए गए, जबकि 68 हजार 297 पौधों का रिप्लांटेशन किया गया। इस तरह प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग अब सिर्फ यातायात के मार्ग ही नहीं, बल्कि हरियाली से आच्छादित ‘ग्रीन कॉरिडोर’ में तब्दील हो रहे हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने तय लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण कर रिकॉर्ड कायम किया है। रायपुर–विशाखापट्टनम (NH-130CD) परियोजना में सबसे अधिक 97,145 पौधे लगाए गए। महाराष्ट्र सीमा–दुर्ग–रायपुर–ओडिशा सीमा (NH-53) पर 46,141, चांपा–कोरबा–कटघोरा (NH-149B) पर 23,020, बिलासपुर–कटघोरा (NH-130) पर 16,847, बिलासपुर–उरगा–पत्थलगांव (NH-130A) पर 14,400 और सिमगा–रायपुर–धमतरी (NH-30) परियोजना में 5,406 पौधे रोपे गए।
मीडियन प्लांटेशन के तहत डिवाइडर पर पौधे लगाए गए हैं, जबकि सड़क किनारे एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में फलदार और छायादार वृक्ष रोपे गए। पिछले वर्षों में क्षतिग्रस्त पौधों को बदलकर हरियाली को जीवित बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
NHAI रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा, ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ सिर्फ वृक्षारोपण का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली का निवेश है। हमारा उद्देश्य सड़कों का निर्माण भर नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुंदर पर्यावरण का निर्माण भी है।



















