दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलान शुक्रवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होते ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सपना चकनाचूर हो गया। इस बार का ‘नोबेल पीस प्राइज’ वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को मिला है। बता दें कि नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी हर साल इस पुरस्कार के लिए ऐसे लोगों या संस्थाओं को चुनती है, जो शांति को बढ़ावा देने, देशों के बीच भाईचारे को मजबूत करने और समाज के लिए काम करने में योगदान देते हैं। बता दें कि यह पुरस्कार हमेशा चौंकाने वाला होता है।

मारिया कोरिना माचाडो ने किया ये बड़ा काम
मारिया कोरिना माचाडो ने वेनेज़ुएला में लगातार बढ़ती तानाशाही के बावजूद लोकतंत्र की रक्षा के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है. उन्होंने इंजीनियरिंग और बिजनेस की पढ़ाई की और थोड़े समय के लिए व्यापार में भी काम किया, लेकिन उनकी असली पहचान समाज और देश की सेवा में निहित रही. 1992 में उन्होंने अटेनिया फाउंडेशन की स्थापना की, जो काराकास की सडक़ों पर रहने वाले बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करती है.

साल 2010 में चुना गया नेशनल असेंबली का सदस्य

साल 2010 में उन्हें नेशनल असेंबली का सदस्य चुना गया, जहां उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की, लेकिन 2014 में सत्ता ने उन्हें पद से हटा दिया. इसके बाद भी माचाडो ने हार नहीं मानी और वेन्टे वेनेज़ुएला विपक्षी पार्टी का नेतृत्व किया. साल 2017 में उन्होंने सोय वेनेज़ुएला गठबंधन की स्थापना में मदद की, जो राजनीतिक मतभेदों को पार करते हुए लोकतंत्र समर्थक ताकतों को एकजुट करता है.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930