प्रदेश में हुए 3200 करोड़ के शराब घोटाले में कथित रूप से सिंडिकेट के मुखिया के तौर पर शामिल रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अदालत ने उन्हें अब 10 दिसंबर तक जेल भेजने के आदेश दिए हैं। चैतन्य को पहले ईडी और बाद में ईओडब्ल्यू ने 16 जुलाई को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह शराब सिंडिकेट के संचालन और अवैध लाभ के बंटवारे में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। घोटाले में मनी लांडिं्रग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते चैतन्य बघेल की जमानत याचिकाएं कोर्ट से खारिज हो चुकी हैं। वहीं, ईडी और ईओडब्ल्यू मामले में वित्तीय अनियमितताओं, सिंडिकेट की भूमिका और कथित लाभार्थियों की जांच जारी रखे हुए हैं।
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