राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार सुबह मध्य प्रदेश के रीवा में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से अयोध्या, संत समाज और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉ. रामविलास दास वेदांती 10 दिसंबर को दिल्ली से मध्य प्रदेश के रीवा पहुंचे थे, जहां उनकी रामकथा चल रही थी। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में निधन
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर ने बताया कि डॉ. रामविलास दास वेदांती को रविवार की सुबह सेफ्टीसीमिया के चलते रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उन्हें मल्टी ऑर्गन फेलियर की गंभीर समस्या हो गई। रविवार की सुबह उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया, जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने तात्कालिक उपचार दिया और उनकी स्थिति को स्थिर किया। हालांकि, जीवन रक्षा प्रयास सफल नहीं हो सके और सोमवार सुबह उनका निधन हो गया।
डिप्टी सीएम हाल जानने पहुंचे थे अस्पताल
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर वेदांती को एयरलिफ्ट कर एम्स भेजने के निर्देश दिए थे। परंतु मल्टी ऑर्गन फेलियर की स्थिति में उन्हें एयरलिफ्ट करने से पहले ही निधन हो गया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने जताया दुख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर डॉ. वेदांती के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के मार्गदर्शक, पूर्व सांसद एवं अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के देवलोकगमन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भगवान श्रीराम दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त अनुयायियों को संबल प्रदान करें। ॐ शांति!














