रायपुर। छत्तीसगढ़ अंशदायी पेंशन कर्मचारी कल्याण संघ की वर्चुअल बैठक 22 नवंबर को संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई साथ ही कार्यक्रम प्रस्तावित किये गये। जिनमें पुरानी पेंशन की आवश्यकता एवं हृक्कस् की विसंगतियों को हर मंच पर संघ के द्वारा रखे जाने का अभियान अनवरत जारी रहेगा। 26 नवंबर संविधान दिवस के दिन समानता एवं संवैधानिक अधिकार पुरानी पेंशन की आवाज बुलंद की जाएगी। 26 नवंबर को संविधान बचाओ, एनपीएस भगाओ अभियान चलाया जाएगा।

26 नवंबर को एनपीएस/सीपीएस अधिकारी कर्मचारियों, पदाधिकारियों के द्वारा अपने कार्यालय/ घर अथवा यथासंभव स्थान से संविधान के प्रस्तावना का वाचन किया जाएगा। ओपीएस बहाली हेतु अपने संकल्प को मजबूत करने हेतु सोशल मीडिया फेसबुक व्हाट्सएप एवं ट्विटर पर उक्त कार्यक्रम गतिविधि के फोटो शेयर किए जाएंगे। जिससे ओपीएस के प्रति कर्मचारियों में अधिक से अधिक जागरूकता आये और वे अभियान में सक्रिय होने हेतु प्रेरित हो सकें।

प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने संघ के समस्त पदाधिकारियों एवं एनपीएस/सीपीएस धारियों से आह्वान किया है कि 26 नवंबर को अपने संवैधानिक अधिकार एवं हक के लिए संविधान की प्रस्तावना का वाचन करते हुए अपने संकल्प को दोहराएं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात को अन्य कर्मचारियों एवं शासन के सामने रखने का प्रयास करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं।

छत्तीसगढ़ अंशदायी पेन्शन कर्मचारी कल्याण संघ एनएमओपीएस के इस बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष राकेश सिंह, सलाहकार विश्वजीत होराडे, महामंत्री तारकेश्वर नाथ, कोषाध्यक्ष रोशन भारद्वाज, उपाध्यक्ष सरिता सिंह, मिरज़ा कासिम बेक, संयुक्त सचिव बजरंग दास, प्रदेश मिडिया प्रभारी डिलेश्वर साव, आइटी सेल प्रभारी इंन्द्रकांत सौलखे, सोसल मिडिया प्रभारी हरिश सन्नाट, जिलाध्यक्ष रमेश नेगी, शैलैन्द्र मिश्रा, महेंद्र साहू, महिला पदाधिकारी नंदिनी देशमुख ज्योति कुर्रे बसंती यादव सहित अन्य प्रांतीय एवं जिला पदाधिकारी जुड़े थे।


















