पिछले पांच कारोबारी सत्रों में रेलवे से जुड़ी सरकारी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है. रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) का शेयर करीब 306 रुपये से बढ़कर 387.25 रुपये तक पहुंच गया, यानी उसमें लगभग 26.5 फीसदी का उछाल देखने को मिला है. इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) का शेयर 110.81 रुपये से बढ़कर 133.60 हो गया, जिससे निवेशकों को करीब 20 फीसदी का रिटर्न मिला. इसी तरह IRCON इंटरनेशनल के शेयरों में भी करीब 19 फीसदी की तेजी आई. RailTel और IRCTC के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे सेक्टर में उत्साह का माहौल बन गया.
फंडामेंटल नहीं, सेंटिमेंट बना वजह
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस तेजी के पीछे किसी बड़े फंडामेंटल सुधार की बजाय निवेशकों का बदला हुआ मूड ज्यादा जिम्मेदार है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीते एक साल में वैल्यूएशन को लेकर चिंता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मार्जिन प्रेशर के चलते रेलवे से जुड़े शेयरों में भारी गिरावट आई थी. अब वही शेयर आकर्षक स्तर पर नजर आने लगे हैं. बजट से पहले की उम्मीदों और ऑर्डर बढ़ने की संभावनाओं ने सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी को दोबारा मजबूत किया है, जिससे शॉर्ट टर्म रिबाउंड देखने को मिला है.
यात्री किराया बढ़ोतरी का असर
रेलवे शेयरों को सपोर्ट देने वाली एक अहम वजह यात्री किराए में हाल ही में हुई बढ़ोतरी भी मानी जा रही है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में दूसरी बार यात्री किराया बढ़ाया गया है, जो 26 दिसंबर 2025 से लागू हुआ. यह बढ़ोतरी भले ही मामूली है, लेकिन इससे मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है. इससे रेलवे की आमदनी की तस्वीर बेहतर होती दिख रही है, जिसे बाजार ने सकारात्मक रूप में लिया.
ओवरसोल्ड शेयरों में राहत रैली
विशेषज्ञ मानते हैं कि 2025 के अधिकतर हिस्से में रेलवे शेयर कमजोर प्रदर्शन कर चुके थे. लगातार गिरावट के चलते ये शेयर तकनीकी रूप से ओवरसोल्ड हो गए थे. ऐसे में जैसे ही बाजार में सकारात्मक संकेत मिले, निवेशकों ने सस्ते दामों पर खरीदारी शुरू कर दी. इस ‘बर्गेन हंटिंग’ ने तेजी को और रफ्तार दी. हालांकि, यह रैली ज्यादा तर भावनाओं और उम्मीदों पर आधारित मानी जा रही है, न कि मजबूत कमाई के आंकड़ों पर.














