देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में हर दिन नए पहलू सामने आ रहे हैं. पुलिस लगातार जाचं पड़ताल कर रही हैं. पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है. इस मामले को ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट यूनियन समेत कई संगठनों ने नस्लीय हमला (हेट क्राइम) करार दिया है. मामले में न्याय की गुहार लगाई है. हालांकि, पुलिस इसे नस्लीय हमला नहीं मान रही है. उसने नस्लीय टिप्पणी या नस्लीय हमले के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. इधर, मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की ओर देहरादून पुलिस और प्रशासन को नोटिस जारी कर हत्याकांड मामले में तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है. इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है.
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग का नोटिस
त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के बाद अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. आयोग ने सरकार से पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा में उठाए जा रहे कदम और ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में अब तक की हुई जांच रिपोर्ट तलब की गई है. साथ ही आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा में उचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं. आयोग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कहा है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही मानवाधिकारों का उल्लंघन मानी जाएगी और इस पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है.
25 हजार रुपए के इनाम का ऐलान
देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की मौत के बाद पुलिस ने छठे और मुख्य आरोपी की तलाश के लिए स्पेशल टीम का गठन कर दिया है. साथ ही उसपर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी यज्ञ अवस्थी नेपाल का रहने वाला है. वारदात वाली रात यज्ञ ने ही ऐंजल पर चकमा पर चाकू से हमला किया था. इसके साथ ही उसी रात को वो नेपाल भाग गया था.














