ढाका । बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के जनाज़े को लेकर देशभर में भावनात्मक माहौल बन गया है। बुधवार दोपहर संसद भवन के साउथ प्लाजा में होने वाली नमाज़ से पहले ही हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचने लगे हैं। सुबह चार बजे से ही लोगों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि ख़ालिदा ज़िया केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति की एक पूरी पीढ़ी का प्रतीक थीं। जनाज़े में उमड़ी भीड़ यह साफ दर्शाती है कि सत्ता से बाहर रहने के बावजूद ख़ालिदा ज़िया की जनस्वीकृति आज भी गहरी रही है।
उनकी पार्टी के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी उन्हें आख़िरी विदाई देने पहुंचे हैं। काले बैज पहने लोगों की भीड़ देश में शोक और सम्मान के साझा भाव को दर्शाती है। सरकार द्वारा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा यह बताती है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ख़ालिदा ज़िया के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम और कुछ क्षेत्रों में आम लोगों की आवाजाही पर रोक इस बात का संकेत है कि प्रशासन स्थिति की संवेदनशीलता को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
ख़ालिदा ज़िया का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश की राजनीति के उस अध्याय का अंत है, जिसमें सत्ता, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन एक-दूसरे से जुड़े रहे। उनका जाना ऐसे समय में हुआ है जब देश राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजर रहा है, और ऐसे में उनका अंतिम सफ़र भी राजनीतिक और भावनात्मक दोनों अर्थों में ऐतिहासिक बन गया है।
खालिदा जिया का नमाज-ए-जनाजा आज दोपहर 2 बजे ढाका के जातीय संसद भवन (जातीयो संसद भवन) के साउथ प्लाजा, माणिक मिया एवेन्यू पर होगा. इसके बाद उन्हें राजधानी के शेर-ए-बांग्ला नगर में उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के मकबरे के पास दफन किया जाएगा.
खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत भी आधिकारिक रूप से शामिल हो रहा है. भारत के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और BNP अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत सरकार और भारत की जनता का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह बयान विदेश मंत्रालय ने जारी किया, जिससे साफ है कि भारत-बांग्लादेश रिश्तों में इस मौके को गंभीरता से देखा जा रहा है.
राजकीय शोक के साथ-साथ BNP ने सात दिन के पार्टी शोक का ऐलान किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता रूहुल कबीर रिजवी ने बताया कि देशभर में BNP दफ्तरों पर काले झंडे लगाए जाएंगे, नेता-कार्यकर्ता काले बैज पहनेंगे और हर दफ्तर में दुआ और शोक सभा होगी. खालिदा जिया के गुलशन स्थित आवास फिरोजा, नयापल्टन कार्यालय और जिला कार्यालयों में शोक पुस्तिकाएं रखी गई हैं.














