वेनेजुएला पर हमला और राष्ट्रपति पर कब्जे के बाद ट्रंप ने ग्लोब के पश्चिमी गोलार्ध में अपनी मनमानी का ऐलान किया है. ट्रंप ने अमेरिका को मुनरो डॉक्ट्रिन के तहत दक्षिण में अर्जेंटीना से उत्तर में ग्रीनलैंड तक पूरे अमेरिकी महादेश का डॉन बताया है.
अमरीका की विदेश नीति जिस तरह से बदलती हुई दिख रही है उससे कई देशों पर खतरा मंडराने लगा है। अमेरिका का रणनीतिक बदलाव ना केवल उसकी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है बल्कि उसके पड़ोसी देशों और दुश्मनों में सुरक्षा और कूटनीतिक चुनौतियों को जन्म दे रहा है।
अमेरिका से 25 किमी दूर वेनेजुएला में घुसकर अमेरिका ने जिस तरह राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया उसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। महज 30 मिनट और वेनेजुएला के राष्ट्रपति को यूएस की डेल्टा फोर्स कैप्चर कर लेती है और यूएस ले आती है। मगर अमेरिका क्या यहीं रुकने वाला है? सवाल अब उठने लगे हैं वेनेजुएला के बाद और किन-किन देशों पर यूएसए स्ट्राइक करेगा?
अमेरिका की विदेश नीति जिस तरह से बदलती हुई दिख रही है उससे कई देशों पर खतरा मंडराने लगा है। अमेरिका का रणनीतिक बदलाव ना केवल उसकी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है बल्कि उसके पड़ोसी देशों और दुश्मनों में सुरक्षा और कूटनीतिक चुनौतियों को जन्म दे रहा है। अमेरिका के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेत जो बताते हैं कि उसकी विदेश नीति कुछ और देशों पर केंद्रित हो सकती है। वह खासकर ऐसे देश होंगे जिनका अमेरिका से मतभेद या वैचारिक टकराव रहा है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण संभावित लक्ष्य के रूप में ईरान का नाम सबसे पहले सामने आ रहा है।
कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार ट्रंप प्रशासन पहले ही ईरान के खिलाफ सैन्य कारवाई की धमकी दे चुके हैं और पिछले सप्ताह उसने ईरान पर नजर रखने की बात भी कही। ऐसे में आशंका यह है कि अगर अमेरिका को लगता है कि उसकी सुरक्षा या ऊर्जा हितों पर कोई प्रत्यक्ष खतरा है तो वह मध्य पूर्व में एक्शन लेने से नहीं हिचकेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही ईरान को लेकर एक बड़ा बयान भी दिया था। उन्होंने ईरान में इस्लामिक रिजीम के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।
ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उसे बेरहमी से मारता है जो कि उसकी आदत है तो अमेरिका प्रदर्शनकारियों को बचाने के लिए जरूर आएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है। वहीं ट्रंप के इस बयान के कई मायने भी निकालने शुरू हो चुके हैं।














