तिल्दा नेवरा (राम गुलाल पाल)। पाटेश्वर धाम को तोड़े जाने के विरोध में राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के नाम अपर कलेक्टर धनीराम रात्रे को ज्ञापन सौंपा गया। सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि बालोद जिला के जामड़ी पाटेश्वर धाम 1975 से पूजनीय सद्गगुरु देव राजयोगी बाबा की तपोस्थली हैं। बाल योगेश्वर संत बालक दास सनातन धर्म के लिए काम कर रहे हैं उस स्थान को हटाने का वन मंडलाधिकार द्वारा नोटिस जारी किया गया हैं जो गलत हैं धर्म के विरुद्ध कार्य हैं। यह स्थान पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों का आस्था का केंद्र हैं जहाँ पर कौशिल्या जन्म भूमि मंदिर का निर्माण हो रहा हैं, जो हिन्दू समाज के लिए पूजनीय धर्म स्थान हैं जगह को हटाने का फरमान जारी करना पुरे हिन्दूओ के आस्था को ठेस पहुंचाना हैं जो की नोटिस को वापस ले और संत बालक दास द्वारा संचालित इस संस्था को सहयोग प्रदान करे। इस संस्था को अगर हटाने या किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचाया गया तो छत्तीसगढ़ की जनता इसका खुलकर विरोध करेगी।

सनातन धर्म के लोग इस कृत्य से काफी आक्रोशित है। संत जी के अनुयायी पूरे छत्तीसगढ़ में काफी बड़ी संख्या में हैं। उनके द्वारा प्रदेश से लेकर देश तक गौ वंश सेवा को लेकर प्रचार प्रसार, राम कथा अनेक सभाएं, उनका गौ हत्या के खिलाफ क्रन्तिकारी कदम सर्वविदित हैं। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान प्रमुख रुप से सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा नेता हेमन्त साहू दामाखेड़ा, रामनारायण निषाद लिमतरा, परमानन्द निषाद, रामचरण साहु, अभिलाष वर्मा चौरंगा, राम देवांगन सिमगा, प्रकाश यादव खैरघाट, योगेश साहू संजरी नवागांव, घनश्याम देवांगन सिमगा।


















