रायपुर: जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने 22 जनवरी तक के लिए जेल भेज दिया है। उन पर एक किसान से 42 लाख 78 हजार रुपये ठगने का आरोप है। विधायक ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान राजकुमार शर्मा के नाम पर लोन दिलाने का झांसा देकर 10 ब्लैंक चेक लिए और फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे निकाल लिए।
किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर धोखा
यह मामला 2015 से 2020 के बीच का है जब बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर थे और गौतम राठौर विक्रेता के पद पर कार्यरत था। दोनों ने मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का बहाना बनाकर किसान से 10 ब्लैंक चेक और एचडीएफसी बैंक में दो नए खाते खुलवाए। इन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर उन्होंने धीरे-धीरे किसान के खातों से 42 लाख 78 हजार रुपये निकाल लिए। पहली निकासी 15 जनवरी 2015 को 51 हजार रुपये की हुई थी।
पत्नी के खाते में भी ट्रांसफर कराए रुपए
बालेश्वर साहू ने अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में भी 7.5 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। किसान को इस धोखाधड़ी की जानकारी 2020 में एचडीएफसी बैंक चांपा से आए एक कॉल के बाद हुई, जिसमें पूछा गया कि क्या उसने बालेश्वर साहू को पैसे निकालने की अनुमति दी है। किसान ने बैंक जाकर डिटेल निकलवाई और फिर बालेश्वर साहू से संपर्क किया। उस समय बालेश्वर साहू ने 6 महीने के भीतर ब्याज समेत पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ।
पैसा वापस मांगने पर टालमटोली
किसान राजकुमार शर्मा ने बताया कि इसी बीच विधानसभा चुनाव हुए। सहयोगी गौतम राठौर ने रकम को चुनावी खर्च बताया। पैसा वापस मांगने पर दोनों टालमटोल करने लगे। इसके बाद पीड़ित किसान ने विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ चांपा थाने में 14 अगस्त 2025 को शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत पर पुलिस का एक्शन
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और शिकायतकर्ता राजकुमार शर्मा, उनकी पत्नी और मां के बयान दर्ज किए। तीनों ने बताया कि उन्होंने खुद कभी पैसे नहीं निकाले। पुलिस ने सहकारी बैंक के 5 कर्मचारियों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए। जांच में यह भी सामने आया कि 24 जनवरी 2020 को की गई एक निकासी पर्ची में बालेश्वर साहू का मोबाइल नंबर दर्ज था, जिससे साफ हो गया कि निकासी उन्हीं के ओर से की गई थी।
इन धाराओं में दर्ज किया मामला
इस आधार पर पुलिस ने सभी दस्तावेजों और बयानों को सबूत मानते हुए कार्रवाई की। चांपा पुलिस ने 3 अक्टूबर 2025 को FIR दर्ज की। बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (कागजातों की जालसाजी), 267 (सरकारी दस्तावेज का गलत इस्तेमाल), और 34 (साझा अपराध) के तहत केस दर्ज किया गया।
22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत
हाईकोर्ट के आदेश के बाद चांपा पुलिस ने 7 जनवरी 2026 को MLA बालेश्वर साहू को एक नोटिस जारी किया और 9 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा। इसके बाद 9 जनवरी को बालेश्वर साहू जांजगीर-चंपा में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा की कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान बालेश्वर ने जमानत के लिए अपील की, लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। उन्हें 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस बीच, उनके सहयोगी गौतम राठौर जमानत पर बाहर हैं।














