रायपुर – नवाचार आधारित विकास को गति देने और मध्य भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर ‘स्टार्टअप कैपिटल कनेक्ट वर्कशॉप’ का आयोजन किया।
यह कार्यशाला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता इनोवेशन पार्क के सहयोग से एनआईटी रायपुर परिसर में आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, निवेश के लिए उनकी तैयारी को सुदृढ़ करना तथा वित्तीय संसाधनों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना था। इसमें स्टार्टअप्स, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ एवं सरकारी प्रतिनिधि एक साझा मंच पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण गहन पिचिंग सत्र रहा, जिसमें फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा इनक्यूबेट किए गए 15 स्टार्टअप्स ने संभावित निवेशकों एवं विशेषज्ञों के समक्ष अपने व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए। इस सत्र के माध्यम से फंडिंग, रणनीतिक साझेदारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के अवसर सृजित हुए। इस अवसर पर योग्य इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स के लिए ₹1.5 करोड़ तक के फंडिंग सपोर्ट की घोषणा भी की गई, जिससे नवाचार और निवेश के बीच की दूरी को कम करने में संस्थान की भूमिका और सुदृढ़ हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. एन. वी. रमना राव, निदेशक, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर ने देश में नौकरी तलाशने वालों से नौकरी सृजित करने वालों की ओर हो रहे परिवर्तन पर प्रकाश डाला और स्टार्टअप इंडिया पहल की पिछले एक दशक की उपलब्धियों को रेखांकित किया। डॉ. एन. डी. लोंढे, कुलसचिव, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर ने संस्थान की स्थापना से लेकर वर्तमान अनुसंधान एवं नवाचार आधारित परिवेश तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला।
डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, फैकल्टी इन-चार्ज, फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर ने बताया कि संस्थान का इनक्यूबेशन इकोसिस्टम निरंतर विस्तार के साथ वर्तमान में 47 इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स के नेटवर्क तक पहुंच चुका है। प्रो. समीर बाजपेयी, प्रमुख, करियर डेवलपमेंट सेंटर तथा बोर्ड डायरेक्टर, फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप उद्यमिता को सरल और सुलभ बनाने हेतु संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया।

कार्यशाला के दौरान उद्योग और शासन से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा उच्च प्रभाव वाले सत्र आयोजित किए गए। श्री सौजित दास, सीनियर मैनेजर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता इनोवेशन पार्क ने 21 राज्यों में 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स के मेंटरिंग अनुभव साझा किए और छत्तीसगढ़ में सहयोग विस्तार में रुचि व्यक्त की। श्री जुल्फिकार त्रिवेदी, मेंटर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता इनोवेशन पार्क तथा मुख्य वित्तीय अधिकारी, सोमरसेट इंडस कैपिटल पार्टनर्स ने निवेश की तैयारी, पूंजी नियोजन और फंडिंग रणनीतियों पर विस्तृत सत्र लिया। श्री जुबैर खान, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन बैंक ने स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल बैंकिंग समाधानों की जानकारी दी।
सरकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए श्री राम खंडेलवाल, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य की अनुकूल औद्योगिक विकास नीति और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध रणनीतिक लाभों को रेखांकित किया। सुश्री प्रीति खंडेलवाल, स्टार्टअप छत्तीसगढ़ टीम ने छात्रों और युवा नवप्रवर्तकों को स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु प्रेरित करने वाली सरकारी पहलों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर द्वारा किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप की टीम द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री मेधा सिंह और इन्क्यूबेशन मैनेजर श्री सुनील देवांगन शामिल रहे। आयोजन का नेतृत्व बोर्ड डायरेक्टर प्रो. समीर बाजपेयी, फैकल्टी इन-चार्ज डॉ. अनुज कुमार शुक्ला तथा ऑफिसर इन-चार्ज श्री पवन कटारिया ने किया।
फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर एक सेक्शन-8 कंपनी है, जिसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की राष्ट्रीय पहल ‘नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हार्नेसिंग इनोवेशंस’ सहित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों का समर्थन प्राप्त है। यह संस्था प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग एक्सेस और उद्योग संपर्क के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए समर्पित है।
इस सफल कार्यशाला ने नवाचार और उद्यमिता के अग्रणी केंद्र के रूप में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर की भूमिका को पुनः स्थापित किया है और भारत को वैश्विक नवाचार शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है।














