रायपुर। भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर द्वारा वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनरों के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट पाई-पाई के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पेंशनरों को बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल लेन-देन तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के पेंशनरों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सभी बैंकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पेंशन समय पर मिलना पेंशनरों का अधिकार है और उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए।


कलेक्टर ने माह दिसंबर 2025 की पेंशन भुगतान में हुई देरी पर बैंक प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा इसके लिए बैंक प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पेंशन की राशि शासन द्वारा समय पर बैंकों को उपलब्ध करा दी जाती है, बैंक केवल माध्यम हैं। इसके बावजूद पेंशनरों को समय पर पेंशन न मिलना एवं बुजुर्ग पेंशनरों को अनावश्यक रूप से बैंक के चक्कर लगवाना अनुचित है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पेंशन समय पर नहीं दी गई, तो उसका ब्याज कौन देगा।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट किया कि जीवन प्रमाण पत्र का उद्देश्य केवल यह प्रमाणित करना है कि पेंशनर जीवित है। इसके नाम पर अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग कर पेंशन रोकना बुजुर्ग पेंशनरों को जानबूझकर परेशान करना है। उन्होंने निर्देशित किया कि दिसंबर 2025 की पेंशन से वंचित सभी पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन हर हाल में एक सप्ताह के भीतर उनके खातों में जमा कराई जाए।


कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारियों ने बताया कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था अनिवार्य है। साथ ही डोर-स्टेप बैंकिंग सुविधा के माध्यम से बैंक आने में असमर्थ वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र, ई-केवाईसी, नकद भुगतान एवं अन्य बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
डिजिटल लेन-देन के दौरान सुरक्षा उपायों, डिजिटल अरेस्ट एवं ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव तथा साइबर अपराध से संबंधित मामलों में 1930 टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
इसी अवसर पर जिला प्रशासन एवं अग्रणी जिला बैंक के संयुक्त तत्वावधान में जीवन प्रमाण (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सहभागिता कर डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाण पत्र बनवाया।


भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव एवं रायपुर संभाग अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने बैठक को अत्यंत सार्थक बताते हुए कहा कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह जैसे संवेदनशील कलेक्टरों की आवश्यकता हर जिले में है, जो पेंशनरों की समस्याओं पर गंभीरता से कार्य करें।
यह पेंशनर्स हितैषी बैठक रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रास सोसाइटी के सभागार में आयोजित की गई, जिसमें भारतीय रिज़र्व बैंक, सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी, जिला पंचायत रायपुर के सीईओ कुमार विश्वरंजन, लीड बैंक अधिकारी मोहम्मद मोफिज सहित भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के बी.के. वर्मा (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर.जी. बोहरे, जेपी शुक्ला, प्रदीप सोनी, किशोर जाधव, पी.आर. साहू, एम.एल. यादव एवं अन्य पदाधिकारी तथा सैकड़ों पेंशनर्स उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर का भी पेंशनरों ने लाभ उठाया। पेंशनरों ने सुव्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं बैंक प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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