पूर्वी चीन की 59 वर्षीय महिला की बेटी विदेश में रहती है, जिसकी वजह से उन्हें और उनके पति को अकेलापन महसूस होता था. दो साल पहले उन्होंने फैसला किया कि वे फिर से मां बनना चाहती हैं. उम्र ज्यादा होने के बावजूद उन्होंने IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) का सहारा लिया और एक बेटे को जन्म दिया.
SCMP के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया कि 59 साल की उम्र में गर्भधारण बेहद जोखिम भरा होता है. उन्हें गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर, किडनी की समस्या और पैरों में सूजन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा. अस्पताल की वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि, इस उम्र में मां बनने का फैसला साहस का परिचायक है.
महिला ने 33 हफ्ते 5 दिन की गर्भावस्था में सीजरियन डिलीवरी के जरिए बेटे को जन्म दिया. नवजात का वजन 2.2 किलो था और मां-बच्चे दोनों स्वस्थ हैं. उन्होंने बताया कि बेटे को देखकर उनका पुराना सपना सच हो गया और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
यह कहानी न सिर्फ उम्र की बंदिशों को तोड़ने वाली है, बल्कि यह दिखाती है कि मेडिकल साइंस और इंसान की हिम्मत से जीवन में नया सवेरा लाया जा सकता है. अकेलेपन को मात देकर मां बनने का यह सफर बेहद प्रेरणादायक है. 59 साल की इस महिला ने साबित किया कि जिंदगी के हर पड़ाव पर उम्मीद और हिम्मत से बड़ी कोई ताकत नहीं होती.














