Pakistan Boycott ICC Men’s T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रहा है. इस टूर्नामेंट से बांग्लादेश को बाहर किए जाने के बाद अब नजर पाकिस्तान पर टिकी हुई है. बांग्लादेश पर हुई कार्रवाई का विरोध कर रहे पाकिस्तान ने खुद भी बॉयकॉट करने की धमकी दी है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी टीम घोषित कर दी है, लेकिन बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी ने कहा है कि सरकार से हरी झंडी मिलने पर ही टीम वर्ल्ड कप के लिए भेजी जाएगी. इस बारे में नकवी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ सोमवार यानी 26 जनवरी के शाम को मीटिंग भी हुई है, जिसके बाद नकवी ने कहा है कि आखिरी फैसला शुक्रवार या सोमवार तक बताया जाएगा.
अब ये चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पाकिस्तान बॉयकॉट करेगा. हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने पाकिस्तान को पहले ही ऐसा कदम उठाने का खामियाजा भुगतने की चेतावनी दे रखा है. इसके बावजूद यदि पाकिस्तान ऐसा कदम उठाता है तो ये उसके लिए काफी महंगा साबित हो सकता है. पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे पीसीबी को उसका ये कदम पूरी तरह ‘भिखारी’ बना सकता है.
वो 5 पॉइंट्स जो पाकिस्तान को बॉयकॉट करने पर पड़ेगा भारी
1. पाकिस्तान पर आईसीसी लगा सकती है बैन
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यदि अपनी सरकार के निर्देश पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करता है तो आईसीसी इसे ‘राजनीतिक हस्तक्षेप’ घोषित कर सकती है. ऐसी स्थिति में पीसीबी पर आईसीसी कई तरह के बैन लगा सकती है. ये प्रतिबंध निम्न हो सकते हैं-
- आईसीसी इवेंट्स के होस्टिंग पर बैन: आईसीसी ने पीसीबी को महिला टी20 वर्ल्ड कप 2028 का होस्टिंग दे रखा है, जो आईसीसी वापस ले सकती है. साथ ही पाकिस्तान को भविष्य में आईसीसी अपने इवेंट्स का होस्ट नहीं बनाएगा.
- ग्लोबल क्रिकेट से बैन: पीसीबी के ऊपर आईसीसी ग्लोबल क्रिकेट बैन लगा सकती है. इसकी वजह से वो किसी टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएगा और ना ही किसी देश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेल पाएगा. ऐसा बैन दक्षिण अफ्रीका पर 4 दशक तक रहा है. साथ ही जिम्बाब्वे और श्रीलंका पर भी ऐसा बैन कुछ समय के लिए लग चुका है.
2. पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट तोड़ने का लगेगा आरोप
आईसीसी के टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी फुल मेंबर देश और आईसीसी के बीच टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (TPA) साइन किया जाता है. यदि पीसीबी ऐन मौके पर टूर्नामेंट से अपना नाम वापस लेता है, तो उस पर इस एग्रीमेंट को तोड़ने के आरोप में आईसीसी कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है.
3. आईसीसी अरबों रुपये की रेवेन्यू शेयरिंग पर लगा देगा रोक
आईसीसी के तरफ से हर साल सभी मेंबर देशों को अपने रेवेन्यू में से शेयर देता है. पाकिस्तान को भी आईसीसी के टोटल रेवेन्यू में से करीब 6% की हिस्सेदारी मिलती है, जो इस साल करीब 316 करोड़ रुपये रहने की संभावना है. इसके अलावा टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेने पर तैयारी और पार्टिसिपेशन के लिए आईसीसी से 5 मिलियन डॉलर (करीब 46 करोड़ रुपये) की रकम मिलनी है, जो बॉयकॉट के बाद नहीं मिलेगी. इसके अलावा टूर्नामेंट में भाग लेने पर प्राइज मनी व मैचों से जुड़ी हुई अन्य तरह की कमाई भी 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये) की रकम पाकिस्तान को मिलनी थी, जो नहीं मिलेगी.
4. PSL के लिए खिलाड़ियों के NOC हो सकती है बैन
पीसीबी को आईसीसी ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में खेलने के लिए विदेशी खिलाड़ियों को NOC पर भी बैन लगा सकती है. इसके लिए आईसीसी के साथ ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड जैसे क्रिकेट बोर्ड भी साथ देंगे. पीसीबी के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा माध्यम पीएसएल ही है, जिसमें विदेशी क्रिकेटर आने के कारण ही लीग में आकर्षण बनाता है. यदि इसमें विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर आईसीसी और अन्य देश के क्रिकेट बोर्ड बैन लगाते हैं तो पाकिस्तान सुपर लीग पूरी तरह खत्म हो जाएगी. इस वजह से पाकिस्तान को बड़ा नुकसान झेलना पद सकता है.
5. वर्ल्ड क्रिकेट में अलग-थलग हो जाएगा पाकिस्तान
पाकिस्तान यदि टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट करता है तो उसे भी आईसीसी की तरफ से बॉयकॉट का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में पाकिस्तान वर्ल्ड क्रिकेट से पूरी तरह अलग-थलग हो जाएगा. आईसीसी की मंजूरी नहीं होने के वजह से कोई भी दूसरा देश उसके यहां क्रिकेट खेलने नहीं आएगा. ऐसे में उसके लिए रेवेन्यू जुटाना पूरी तरह नामुमकिन हो जाएगा, जिस कारण से पाकिस्तान क्रिकेट खत्म हो जाएगा.














