आज सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की दुखद खबर से पूरे देश में शोक की लहर है. महाराष्ट्र की संस्कृति के अनुसार वे हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखते हैं.
अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति का चाणक्य माना जाता था. लेकिन बुधवार 28 जनवरी 2026 की सुबह अजित पवार की मृत्यु की दुखद खबर सामने आई, जिससे पूरे देशभर में शोक की लहर दौड़ गई.
28 जनवरी की सुबह करीब 8.45 पर बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया. इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत प्लेन में मौजूद बाकी 5 लोगों की भी मृत्यु हो गई. अजीत पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे. महाराष्ट्र की सत्ता में उनका अहम योगदार रहा.
राजनीति के चाणक्य अजीत पवार किस धर्म को माने थे
66 वर्षीय अजित पवार को राजनीति का दिग्गज माना जाता था. उनके धार्मिक आस्था की बात करें तो, अजित पवार अपनी अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि और काम के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे, न कि किसी विशेष देवता की पूजा के लिए. वे मुख्य रूप से महाराष्ट्र की संस्कृति के अनुसार हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखते हैं. पवार परिवार की आस्था महाराष्ट्र के प्रमुख देवताओं, जैसे विट्ठल-रुक्मिणी में रही है, जिसका अजित पवार भी पालन करते थे. इसके साथ ही सभी धर्मों के सम्मानपूर्व व्यवहार का समर्थन करते थे.
पवार परिवार की धार्मिक आस्था और तथ्य
- अजित पवार ने पंढरपुर के प्रसिद्ध विट्ठल मंदिर में पूजा पाठ की थी. पवार परिवार भगवान विट्ठल के परम भक्त हैं.
- अजित पवार अक्सर पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भी दर्शन, पूजन और अभिषेक के लिए जाते थे.
- अजित पवार प्रभु श्रीराम की भी पूजा करते थे. नासिक के ऐतिहासिक काळाराम मंदिर में उन्होंने भगवान राम की पूजा-अर्चना की थी.














