डेस्क: ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि मौत के बाद सबसे पहले कौन सा अंग काम करना बंद करता है दिमाग, दिल या किडनी? आइए जानते हैं पूरी जानकारी जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो शरीर एक साथ पूरी तरह से बंद नहीं होता। अलग-अलग अंग अपनी ऑक्सीजन की जरूरत और रक्त संचार (Blood Flow) पर निर्भर करते हैं। इसलिए अंग अलग-अलग समय पर काम करना बंद करते हैं। इस प्रक्रिया को ऑर्गन शटडाउन टाइमलाइन कहते हैं। इसे समझना केवल मृत्यु की प्रक्रिया को स्पष्ट नहीं करता, बल्कि यह जानने में भी मदद करता है कि कौन से अंग ट्रांसप्लांट के लिए उपयोगी रह सकते हैं।
सबसे पहले क्या होता है?
दिल की धड़कन रुकने के बाद शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है। ब्रेन (दिमाग) को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, इसलिए यह सबसे पहले प्रभावित होता है। मृत्यु के 4 से 7 मिनट के भीतर ब्रेन की सेल्स नष्ट होने लगती हैं। जब दिमाग स्थायी रूप से काम करना बंद कर देता है, तो इसे “ब्रेन डेथ” कहा जाता है। मेडिकल साइंस में यही मृत्यु का निर्णायक संकेत माना जाता है।
दिल और फेफड़े कब बंद होते हैं?
नेचुरल मृत्यु में सांस रुकने के साथ ही दिल की धड़कन भी बंद हो जाती है। दिल रुकने के बाद ब्लड फ्लो खत्म हो जाता है और फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं। हालांकि अस्पताल में मशीनों की मदद से कुछ समय तक अंगों को ऑक्सीजन दी जा सकती है। ट्रांसप्लांट के दृष्टिकोण से, दिल और फेफड़े लगभग 4 से 6 घंटे तक सुरक्षित रह सकते हैं।
कुछ घंटों बाद किन अंगों पर असर पड़ता है?
लिवर, पैंक्रियाज और आंतें रक्त संचार पर निर्भर करते हैं। ब्लड फ्लो रुकने के बाद इनमें तेजी से क्षय (Damage) शुरू हो जाता है। आमतौर पर 8 से 18 घंटे के भीतर इनकी कार्यक्षमता कम हो जाती है। यदि इन्हें तुरंत ठंडे तापमान पर रखा जाए, तो ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
सबसे ज्यादा समय तक कौन से अंग सुरक्षित रहते हैं?
किडनी: मृत्यु के बाद जल्दी ठंडा कर देने पर 24 से 36 घंटे तक ट्रांसप्लांट के लिए उपयोगी रह सकती है।
आंख का कॉर्निया: यह ऑक्सीजन पर कम निर्भर करता है और लगभग 14 दिन तक दान के लिए सुरक्षित रहता है।
स्किन और हड्डियां (Tissue): सही संरक्षण में कई दिनों से लेकर सालों तक सुरक्षित रखी जा सकती हैं।
यही वजह है कि स्किन ग्राफ्ट और बोन टिश्यू लंबे समय बाद भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
मौत के बाद शरीर का हर अंग अलग समय पर काम करना बंद करता है। सबसे पहले ब्रेन, उसके बाद दिल और फेफड़े, फिर लिवर, पैंक्रियाज और आंतें, और अंत में किडनी, स्किन और हड्डियां बंद होती हैं। सही तरीके से अंगों का संरक्षण करने पर कुछ अंग ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित रखे जा सकते हैं, जिससे जीवन बचाने में मदद मिलती है।
इस तरह शरीर में होने वाला क्रम और समय हमें मृत्यु की प्रक्रिया और अंग दान के महत्व को समझने में मदद करता है।














