भारतीय शेयर बाजार में आज ओपनिंग के साथ ही तेज गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और घरेलू स्तर पर बिकवाली के दबाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 680 अंक टूटकर 82,600 के आसपास पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी लगभग 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,540 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स और निफ्टी 50 में भारी गिरावट
ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स 82,610 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर से 684 अंक नीचे रहा। इसी तरह निफ्टी 50 भी 25,521 के आसपास फिसल गया। बाजार में आईटी, फिनटेक, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक देखने को मिला। बीएसई पर अधिकांश सेक्टर इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जिससे बाजार की व्यापक कमजोरी साफ नजर आई।
क्यों आई गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। शुरुआती कारोबार में ही एडवांस की तुलना में डिक्लाइन शेयरों की संख्या अधिक रही, जो बाजार की नकारात्मक धारणा को दर्शाती है।
टॉप गेनर्स: गिरते बाजार में चुनिंदा शेयर चमके
भारी गिरावट के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में ओएनजीसी, एसबीआई, कोल इंडिया और पावरग्रिड जैसे शेयर शामिल रहे। इन कंपनियों में हल्की तेजी दर्ज की गई और इन्होंने बाजार को सीमित सहारा देने की कोशिश की।
आईटी और मेटल शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर, निफ्टी 50 के टॉप लूजर्स में आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। एचसीएल टेक, इंफोसिस, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा बैंकिंग और मेटल सेक्टर के कुछ बड़े शेयर भी लाल निशान में रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल संकेत स्थिर नहीं होते और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली नहीं थमती, तब तक बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है।














