बीकानेर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल जा रही नाबालिग बालिका से दुष्कर्म कर हत्या करने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर आरोपी श्यामसुंदर को गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद आरोपी खुद को बचाने के लिए मृतका को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शनों में शामिल होता रहा ।
चालाकी ही बन गई सबूत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारी लाल मीणा ने बताया कि यह ब्लाइंड मर्डर था और घटनास्थल से मिला एक लॉकेट ही पुलिस के हाथ लगा मुख्य सुराग था। जांच में सामने आया कि बालिका से हाथापाई के दौरान आरोपी का लॉकेट टूटकर गिर गया था। शक से बचने के लिए उसने अगले दिन बाजार से वैसा ही दूसरा लॉकेट खरीदकर पहन लिया, लेकिन यही चालाकी उसके खिलाफ सबूत बन गई।
ऐसे खुला राज
21 फरवरी को बालिका परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची। परिजनों की तलाश के दौरान रोही क्षेत्र में उसका शव मिला। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी संदिग्ध रूप से दिखाई दिया। पूछताछ में उसके लॉकेट को लेकर विरोधाभास सामने आया, जिसके बाद सख्ती से पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल जा रही बालिका से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी श्यामसुंदर को गिरफ्तार किया। घटनास्थल पर मिले लॉकेट से सुराग मिला। आरोपी प्रदर्शन में भी शामिल रहा। सरकार ने 10 लाख मदद व संविदा नौकरी का आश्वासन दिया।
बीकानेर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल जा रही बालिका के साथ रास्ते में बलात्कार कर हत्या करने का घिनौना अपराध करने वाले युवक को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कर उसे दबोचने के लिए पुलिस दो दिन से लगातार वारदात के हर पहलू को खंगाल रही थी।
बता दें कि इस ब्लाइंड मर्डर में पुलिस को मौका वारदात पर एक लॉकेट मिला था। पुलिस के पास इस साक्ष्य के अलावा और कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं थी। ऐसे में पुलिस टीमों ने लॉकेट को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी श्यामसुंदर को दबोच लिया।
आरोपी श्यामसुंदर इतना शातिर था कि वारदात के बाद उसने घर आकर कपड़े बदले। इसी बीच उसे ध्यान आया कि गले में पहना लॉकेट बालिका से हाथापाई के दौरान टूटकर गिर गया था। आरोपी ने अगले दिन बाजार जाकर हुबहू वैसा ही एक और लॉकेट खरीदा और गले में पहन लिया, ताकि किसी को शक न हो।
इसके साथ ही आरोपी मृतक बालिका को न्याय दिलाने और हत्यारे को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर चल रहे धरने-प्रदर्शन में भी शामिल रहा। यहां तक की सोशल मीडिया पर भी उसने पोस्ट लगाकर बहन के हत्यारों को सजा दिलाने जैसी अपीलें पोस्ट की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारी लाल मीणा ने बताया कि आरोपी की पहचान करने में सिपाही प्रदीप सिंह की भूमिका अहम रही। तकनीकी साक्ष्य और सतर्कता के चलते आरोपी को दबोचा जा सका।
बालिका के साथ हुई दरिंदगी की रूह कंपा देने वाली परतें अब पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुल गई हैं। घटना वाले दिन बालिका आवारा कुत्तों से बचने के लिए नहर का रास्ता बदलकर दूसरे सुनसान रास्ते से स्कूल जा रही थी, जहां घात लगाए बैठे आरोपी श्यामसुंदर ने उसे दबोच लिया।
आरोपी ने मासूम को जान से मारने की धमकी देकर सुनसान जगह पर बंधक बनाया और उसके साथ बलात्कार किया। इस दरिंदगी के दौरान बालिका बेहोश हो गई। आरोपी वहां से भागने ही वाला था कि उसे डर सताया कि होश में आने पर वह राज खोल देगी।
इसी डर के कारण उसने बेहोशी की हालत में ही छात्रा की चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। हैवानियत यहीं नहीं रुकी, उसने मासूम के मुंह में मिट्टी भर दी ताकि वह चीख न सके।














