What's Hot

 सनातन परंपरा में किसी भी मास के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली तिथि को अमावस्या के रूप में जाना जाता है. इस दिन आकाश में चंद्रमा बिल्कुल नहीं दिखाई देता है. अमावस्या तिथि को पितरों की पूजा से लेकर स्नान-दान, साधना-आराधना आदि के लिए अत्यंत ही फलदायी माना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार अमावस्या तिथि के स्वामी स्वयं पितृ देवता होते हैं. ऐसे में इस तिथि पर यदि कोई व्यक्ति अपने पितरों के लिए विधि-विधान से श्राद्ध, तर्पण आदि करता है तो उसे उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.

इसी प्रकार चैत्र मास की अमावस्या तिथि धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा और तमाम तरह की साधना के लिए भी फलदायी मानी गई है. आइए जानते हैं चैत्र मास में अमावस्या तिथि कब पड़ेगी और इस दिन पूजा के किन उपायों को करने से जीवन से जुड़े कष्ट दूर और शुभ फल प्राप्त होते हैं. 

पंचांग के अनुसार इस साल चैत्र मास की अमावस्या तिथि 18 मार्च 2026 की सुबह 08 बजकर 25 मिनट पर प्रारंभ होकर अगले दिन 19 मार्च 2026 की सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर पूर्ण होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026, गुरुवार के दिन रहेगी.

हिंदू मान्यता के अनुसार अमावस्या तिथि पर पितृदोष को दूर करने और पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए व्यक्ति को स्नान करने के बाद सबसे पहले अपने पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण करना चाहिए. पितरों को तर्पण देने के लिए तांबे के लोटे में काला तिल, सफेद पुष्प डाल लें फिर कुशा के पेार की मदद से पितरों के लिए तर्पण करें. इसके बाद पितरों की मुक्ति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए पितृ सूक्त का पाठ करें अथवा किसी के माध्यम से श्रद्धापूर्वक सुनें. 

पितरों को प्रसन्न करने के लिए चैत्र अमावस्या के दिन एक लोटे में दूध, गंगाजल, काला तिल और गुड़ या चीनी मिलाकर चढ़ाएं. इसके बाद पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करके पितरों से सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद मांगे. 

कुंडली के कालसर्प दोष को दूर करने के लिए चैत्र अमावस्या पर किसी योग्य पंडित के माध्यम से शिव पूजा करवाएं. साथ ही साथ चांदी के नाग-नागिन की भी पूजा करवाकर उसे सफेद फूल के साथ बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. 

  • धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए चैत्र अमावस्या पर घर का सारा कूड़ा-कबाड़ निकाल दें और उसके बाद शाम के समय लाल धागे वाली बाती का दीया जलाकर अपने मुख्य द्वार पर रखें. 
  • चैत्र अमावस्या पर पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए सुबह पीपल की पूजा तो शाम को माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए तुलसी जी की विशेष पूजा करनी चाहिए. धन की देवी का आशीर्वाद पाने के लिए सूर्यास्त के समय तुलसी जी के पास शुद्ध देशी घी का दीया जलाकर तुलसी जी की परिक्रमा करनी चाहिए. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930