ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से दुनिया भर के देशों को ऊर्जा संकट से जुझना पड़ रहा है। बावजूद इसके मध्य-पूर्व का संकट जल्द खत्म होता नहीं दिखाई पड़ रहा है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई जहां अभी भी जारी है, वहीं ईरान किसी भी कीमत पर घुटने टेकने को तैयार नहीं है। ऐसी मौजूदा परिस्थितियों में तेल की कीमतों में उछाल आया है। इन सबके बीच अमेरिका ने ईरानी तेल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका के इस फैसले से ऊर्जा संकट से जूझ रहे दुनिया भर के देशों को राहत मिलेगी।

दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान के तेल पर जो पाबंदी लगी हुई थी, उसमें अगले 30 दिनों के लिए ढील दी जा रही है। इसका मतलब यह है कि इस दौरान ईरान का तेल खरीदा और बेंचा जा सकता है। अमेरिका की तरफ से यह छूट उन जहाजों पर लागू होगी जो 20 मार्च से लेकर 19 अप्रैल के बीच जहाजों में भरा गया हो। इसका अर्थ है कि अमेरिका की तरफ से दी गई ढील समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देता है, जिसका उद्देश्य बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करना है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इसकी घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘आज वित्त विभाग एक सीमित दायरे वाली, अल्पकालिक अनुमति जारी कर रहा है जो समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देती है।’

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, ‘ईरान वैश्विक आतंकवाद का मुख्य केंद्र है, और राष्ट्रपति ट्रंप के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के माध्यम से, हम इस महत्वपूर्ण लड़ाई को प्रत्याशित से भी अधिक तेज गति से जीत रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान के आतंकवादी हमलों के जवाब में, ट्रंप प्रशासन दुनिया में ऊर्जा के प्रवाह को अधिकतम करने, वैश्विक आपूर्ति को मजबूत करने और बाजार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की आर्थिक और सैन्य शक्ति का उपयोग करना जारी रखेगा।’

अमेरिका ने क्यों दी छूट?

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने छूट दिए जाने के कारणों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘वर्तमान में, ईरानी तेल को चीन द्वारा सस्ते में जमा किया जा रहा है। दुनिया के लिए इस मौजूदा आपूर्ति को अस्थायी रूप से खोलकर, संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल लाएगा, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की मात्रा बढ़ेगी और ईरान के कारण आपूर्ति पर पड़ रहे अस्थायी दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। संक्षेप में, हम ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को जारी रखते हुए कीमतों को कम रखने के लिए तेहरान के खिलाफ ही ईरानी तेल के बैरल का उपयोग करेंगे’

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31