तुमकुरू : कर्नाटक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सेवानिवृत्ति से ठीक एक सप्ताह पहले एक सरकारी अधिकारी ने अपने ही कार्यालय में आत्महत्या कर ली। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। मृतक की पहचान मल्लिकार्जुन के रूप में हुई है, जो सामाजिक कल्याण विभाग में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत थे। वह पवगड़ा कस्बे के पास स्थित गुंडारलाहल्ली गांव के निवासी थे और पिछले तीन वर्षों से इस विभाग में सेवाएं दे रहे थे। जानकारी के अनुसार, उनकी रिटायरमेंट में सिर्फ एक हफ्ता बाकी था।
पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या से पहले मल्लिकार्जुन ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह वीडियो अपने सहकर्मियों को भेजा और उसके बाद बुधवार को पवगड़ा स्थित अपने कार्यालय में यह कदम उठाया।
वीडियो में लगाए क्या आरोप
वीडियो में मल्लिकार्जुन ने संयुक्त निदेशक कृष्णप्पा पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेरी मां, पत्नी और बच्चों ने हमेशा मेरा साथ दिया और मुझे गर्व महसूस कराया। मुझे उनके लिए बहुत कुछ करना था, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पा रहा हूं। मैं उनके लिए और करना चाहता था, लेकिन अब संभव नहीं है। यह सब संयुक्त निदेशक कृष्णप्पा की प्रताड़ना की वजह से है। उन्होंने आगे कहा कि कृष्णप्पा को भगवान और कानून दोनों सजा देंगे। मेरे परिवार को किसी तरह का बदला लेने की जरूरत नहीं है।
पिता की भी हुई थी ऐसे ही मौत
घटना की सूचना मिलते ही पवगड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मल्लिकार्जुन के पिता भी इसी विभाग में कार्यरत थे और उनकी भी मृत्यु रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले हो गई थी। पिता की मौत के बाद मल्लिकार्जुन को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी, और अब उनकी भी मौत रिटायरमेंट से ठीक पहले हो गई।
शिवमोग्गा में भी आया था ऐसा ही केस
पुलिस मामले की सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। बता दें कि इससे पहले 26 मई 2024 को कर्नाटक के शिवमोग्गा में 48 वर्षीय अकाउंट्स सुपरिंटेंडेंट चंद्रशेखरन पी ने भी आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से मिले छह पन्नों के सुसाइड नोट में सहकर्मियों पर अवैध खातों में पैसे ट्रांसफर कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया था।



















