नेपाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला है. रैपर-इंजीनियर बने बालेन शाह ने शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली. वे 35 साल की उम्र में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं. साथ ही वे मदेश क्षेत्र से इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता भी हैं.
शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल की उपस्थिति में शीतल निवास में दोपहर 12:34 बजे शुभ मुहूर्त पर संपन्न हुआ. समारोह में हिंदू और बौद्ध परंपराओं का सुंदर मिश्रण देखने को मिला, जिसमें सात ब्राह्मणों ने शंखनाद, 108 युवा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रों का पाठ किया गया.
182 सीटें जीतकर सत्ता में आए बालेन शाह
5 मार्च 2026 को हुए आम चुनाव में RSP ने भारी बहुमत हासिल किया. पार्टी ने 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 182 सीटें जीतीं. बालेन ने खुद चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को उनके गढ़ झापा-5 सीट से भारी अंतर से हराया.
नेपाल के आम चुनाव में पारंपरिक बड़े दल बुरी तरह हार गए. नेपाली कांग्रेस को सिर्फ 38 सीटें, CPN-UML को 25 और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी को मात्र 17 सीटें मिलीं. RSP की इस भारी जीत को युवाओं की Gen-Z क्रांति का नतीजा माना जा रहा है.
बालेन शाह कौन हैं?
बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता हैं. करीब छह महीने पहले केपी शर्मा ओली सरकार को युवाओं के नेतृत्व वाले Gen-Z आंदोलन में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के बाद हटा दिया गया था. बालेन पहले काठमांडू के मेयर रह चुके हैं. वे इंजीनियर भी हैं और रैप गानों के जरिए भ्रष्टाचार और युवाओं की समस्याओं को आवाज देते रहे हैं.
शपथ लेने के बाद बालेन 15 से 18 मंत्रियों वाला छोटा मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी में हैं. उनकी सबसे बड़ी चुनौती भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना, युवाओं की उम्मीदें पूरी करना और नेपाल की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा. यह नेपाल के लिए एक नया अध्याय है. पारंपरिक दलों की लंबी पकड़ टूटने के बाद RSP की यह लैंडस्लाइड जीत देश की राजनीति को पूरी तरह बदल सकती है. युवा पीढ़ी बालेन से बड़े बदलाव की उम्मीद लगा रही है.



















