कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए पूरी ताकत झोंक रही बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में 15 साल से सत्तारूढ़ तृणमृल कांग्रेस की मजबूतियों की काट खोजन की कोशिश है। इसके साथ जिन मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस को असहज किया जा सकता है। ऐसे मुद्दों को संकल्प पत्र में शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में बीजेपी के घोषणपत्र यानी संकल्प पत्र को लांच किया। उन्होंने इस भरोसे का संकल्प पत्र बताया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बंगाल टीएमसी से त्रस्त है। जनता परिवर्तन चाहती है। शाह ने एक बार फिर गृह मंत्री के तौर पर भी बंगाल के लोगों को आश्वस्त किया कि वह घुसपैठ को रोकेंगे। ममता बनर्जी की राज्य में गेमचेंजर रही लक्ष्मी भंडार योजना के जवाब में बीजेपी ने मध्यम और गरीब वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति महीने देने का वादा किया है। पश्चिम बंगाल की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत वर्तमान में सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह और रिजर्व श्रेणी की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह की राशि मिलती है। टीएमसी ने सत्ता में वापस लौटने पर इस राशि को बढ़ाने का वादा किया है।
टीएससी के 10 प्रण Vs बीजेपी संकल्प पत्र
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो की 10 प्रतिज्ञाओं में महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं को रोजगार और बेरोजगार रहने तक मासिक भत्ता, सभी को पक्का घर, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, दरवाजे पर स्वास्थ्य सुविधाएं, किसानों को सहायता, सात नए जिले बनाने के साथ पाइन से पीने का पानी उपलब्ध कराने और समुदायिक विकास के लिए पाचं नए डेवलमेंट बोर्ड बनाने का ऐलान किया था। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में महिलाओं को तीन हजार रुपये महीना देने का वादा किया है। इसके उन्होंने बीजेपी के संकल्प पत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड (UCC) को 6 महीने में लागू करने का वादा करके बड़ा दांव खेला है। टीएमसी इस मुद्दे पर खामोश है। वह यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध करती आई है।
संकल्प पत्र में टीएमसी को किया टारगेट
बीजेपी ने बेहद रणनीतिक तौर पर संकल्प पत्र में न सिर्फ लुभावने वादे किए हैं बल्कि होमवर्क के साथ संकल्प पत्र के जरिए टीएमसी को घेरने की कोशिश की है। घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के साथ-साथ सरकार बनने के अगले 45 दिनों में सातवां वेतन आयोग लागू करने का बड़ा ऐलान किया है। बीजेपी ने आयुष्मान भारत जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं को लागू करने की बात कही है। बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ बनाने का ऐलान किया है।
ममता के महिला कार्ड पर प्रहार
इतना ही नहीं बीजेपी ने ममता बनर्जी के महिला कार्ड को कमजोर करने के लिए राज्य पुलिस सहित बंगाल सरकार की सभी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान किया है। इसके अलावा राज्य में बेरोजगारी को मुद्दा बना रही बीजेपी ने बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसी प्रकार से PM किसान योजना के तहत, केंद्र की 6,000 रुपये की सालाना मदद के अलावा बंगाल सरकार भी 3,000 रुपये का योगदान देगी। ऐसा वादा संकल्प पत्र में किया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण की वोटिंग 23 और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।



















