हैदराबाद-पलक झपकते ही रिमोट से कार में बैठे-बैठे ही नंबर प्लेट चेंज…! पुलिस के हत्थे एक ऐसा शातिर डॉक्टर चढ़ा है, जो ट्रैफिक पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी बीएमडब्ल्यू कार की नंबर प्लेट रिमोट से बदलता रहता था. ऐसे में वह सड़क पर नियमों को ताक पर रखकर कार चलाता था. लेकिन शराब के नशे में ड्राइव करते समय उसकी सारी पोल खुल गई. पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर, हैदराबाद का ये शातिर डॉक्टर कब से नियम-कानूनों को तोड़ रहा था.

कुछ ही सेकंड में नंबर प्लेट चेंज
हैदराबाद में रिमोट कंट्रोल से बदलने वाली नंबर प्लेट वाली बीएमडब्ल्यू कार चला रहे एक डॉक्टर को शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में पकड़ा गया. पुलिस ने वीकेंड में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुबली हिल्स पर एक कार को रोका. इस कार की नंबर प्लेट देख ट्रैफिक पुलिसवालों के होश उड़ गए. इसे कार में बैठकर अंदर से ही बदला जा सकता था. ये जुगाड़ डॉक्टर ने ट्रैफिक चालान से बचने के लिए किया था. कार में ऐसा सिस्टम लगा है, जिससे कुछ ही सेकंड में नंबर प्लेट बदल जाती है.
शराब पीकर चला रहे थे BMW कार
शातिर डॉक्टर की पहचान डॉ. गौतम रेड्डी के रूप में हुई है, जिन्हें शहर के पॉश इलाके जुबली हिल्स से शराब पीकर गाड़ी चलाने की जांच के दौरान पकड़ा गया. उनके खून में अल्कोहल का लेवलर कानूनी सीमा से काफी अधिक था. इस दौरान पुलिस को डॉक्टर की लग्जरी कार में एक लेटेस्ट डिवाइस लगा हुआ दिखा, जिससे वे अपनी नंबर प्लेट बदल सकते थे. आरोप है कि वे निगरानी कैमरों को गुमराह करके ई-चालान से बचना चाहते थे. इसलिए उन्होंने कार में ये डिवाइस लगा रखी थी.
डॉक्टर की कार में जो डिवाइस लगा था, उससे ड्राइवर कुछ ही सेकंड में दो अलग-अलग रजिस्ट्रेशन प्लेट बदल सकता था. बीएमडब्ल्यू कार में एक प्लेट दिल्ली में रजिस्ट्रेशन थी, जबकि दूसरी तेलंगाना में. पुलिस जांच के दौरान, तेलंगाना नंबर प्लेट का पता आरोपी से जुड़े एक अन्य वाहन से चला, जिससे पता चलता है कि यह जानबूझकर कानूनी एजेंसियों को धोखा देने का प्रयास था.
जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर (ट्रैफिक) एन रविंदर ने कहा, “नकली नंबर प्लेटों से बचना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह का लेटेस्ट सिस्टम हैरान करने वाला है. यह जुर्माने से बचने और डिजिटल निगरानी को गुमराह करने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है.” पुलिस ने आगे बताया कि यह मॉडिफिकेशन संभवतः एक निजी कार डेकोरेशन यूनिट में किया गया था और इस तरह के अवैध सिस्टम बनाने में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है. मॉडिफिकेशन यूनिट पर भी कानूनी कार्रवाई होने की संभावना है.
डॉक्टर पर धोखाधड़ी और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने के लिए मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने का भी आरोप है. उसके रक्त में अल्कोहल की मात्रा (बीएसी) 137 मिलीग्राम थी, जबकि अनुमेय सीमा 30 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर है. वाहन को आगे की फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है. अधिकारी अब जांच का दायरा बढ़ा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हैदराबाद में अन्य वाहन भी इसी तरह की हेराफेरी में शामिल हैं या नहीं.



















