नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी कानूनी हार मानी जा रही, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की जमानत को बरकरार रखा है। कोर्ट ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में 2022 में उनकी रिहाई के खिलाफ पुलिस की चुनौती को शुक्रवार को खारिज कर दिया। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने कहा कि जहां को एक विशेष अदालत की ओर से पहली बार जमानत दिए जाने के बाद से चार साल से ज्यादा समय बीत चुका है, और ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि उन्होंने अपनी रिहाई की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया है।

आरोपों का इतिहास

  • इशरत जहां को शुरुआत में मार्च 2020 में गिरफ्तार किया गया था।
  • उन पर कई आरोप लगाए गए थे, जिनमें सख्त गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), हथियार अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने वाला अधिनियम शामिल थे।
  • पुलिस ने उन्हें फरवरी 2020 की हिंसा में एक मुख्य भूमिका निभाने वाली के तौर पर पेश किया था, जिस हिंसा ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कुछ इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया था।
  • हालांकि, मार्च 2022 में कड़कड़डूमा कोर्ट का उन्हें जमानत देने का फैसला इस आधार पर आया कि वह न तो ‘चक्का जाम’ की सूत्रधार थीं और न ही उन संगठनों या एन्क्रिप्टेड WhatsApp ग्रुप की सदस्य थीं, जिन पर साजिश रचने का आरोप था।

पुलिस का दावा

दिल्ली पुलिस ने इस रिहाई का जोरदार विरोध करते हुए अपील की थी। पुलिस ने तर्क दिया कि निचली अदालत ने ‘बड़े पैमाने पर हिंसक दंगे भड़काने की एक खतरनाक साजिश’ को नजरअंदाज कर दिया। अपनी याचिका में, पुलिस ने दावा किया कि यह हिंसा कोई अचानक भड़का सांप्रदायिक दंगा नहीं था, बल्कि एक ‘पहले से सोची-समझी, कई स्तरों वाली’ कार्रवाई थी।

खास बात यह है कि पुलिस ने तर्क दिया कि दंगों का समय बहुत सोच-समझकर चुना गया था ताकि यह अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा के साथ मेल खाए। आरोप था कि ऐसा अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए किया गया था। पुलिस ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश में कानूनी कमियां थीं, जो ‘मामले की जड़’ से जुड़ी थीं।

अब क्या होगा

जहां हाई कोर्ट के फैसले से इशरत जहां की मौजूदा जमानत पक्की हो गई है, वहीं उनकी कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है। जनवरी 2024 में, ट्रायल कोर्ट ने उन पर हत्या की कोशिश और दंगा भड़काने के आरोप तय किए थे। मुकदमे के जारी रहने के बीच, अदालत द्वारा उनकी जमानत रद्द करने से इनकार करना, 2020 के दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक में एक अहम मोड़ साबित हुआ है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31