नई दिल्ली. चेकोस्लोवाकिया की ठंडी वादियों में जन्मी एक मासूम बच्ची, जिसकी जिंदगी की शुरुआत ही उथल-पुथल से भरी रही. बचपन में ही मां-बाप का साथ छूट गया और रिश्तों की कमी ने उसके भीतर एक गहरी खालीपन छोड़ दी. इसी खालीपन को भरने की तलाश उसे ओशो के पास आध्यात्म की ओर खींच लाई. सुकून और सच्चाई की खोज में वह भारत आ पहुंची, जहां हर मोड़ पर उसे खुद को फिर से गढ़ने का मौका मिला. लेकिन किस्मत ने उसके लिए कुछ और ही लिखा था. ध्यान और साधना के रास्ते पर चली यह विदेशी लड़की अचानक ग्लैमर की दुनिया में पहुंच गई. कैमरों की चमक, म्यूजिक की धुन और चकाचौंध भरे माहौल ने उसे एक नई पहचान दी. एक ऐसी पहचान, जिसने उसे रातोंरात सुर्खियों में ला दिया. आध्यात्म की तलाश में आई यह लड़की कब बॉलीवुड की ‘आइटम गर्ल’ बन गई, ये कहानी जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही दिलचस्प भी.
बॉलीवुड में कई ऐसी एक्ट्रेसेस रही हैं, जिन्होंने विदेश में जन्म लिया लेकिन भारत आकर अपनी अलग पहचान बनाई. इनका सफर सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संघर्ष, बदलाव और खुद को साबित करने की कहानी भी रहा है. कैटरीना कैफ, सनी लियोनी, नोरा फतेही, एमी जैक्सन जैसे कई नाम हैं. लेकिन आज जिस हसीना की हम बात कर रहे है वो इनमें से कोई नहीं है. साल 2023 में एक फिल्म आई थी, जिसका नाम है ‘दम’. इसका बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तो कुछ खास नहीं रहा. लेकिन आइटम नंबर लोगों की जुबान पर चढ़ गया था. ये गाना है ‘बाबूजी जरा धीरे चलो’.
इस गाने का जादू इतना कमाल का है कि 23 साल बाद भी कहीं बज जाए तो पैर अपने-आप थिरकने लगते हैं और जुबां पर बोल चढ़ जाते हैं. इस गाने के बोल ‘अनजान’ ने लिखे थे, संदीप चौटा ने संगीत दिया था और आवाज दी थी सुखविंदर सिंह और सोनू कक्कड़ ने. अब इस गाने में जो लड़की धमाकेदार अंदाज में नजर आई थीं, वह हैं याना गुप्ता. आज याना बड़े पर्दे से पूरी तरह गायब हो चुकी हैं. लेकिन तब आइटम गर्ल बन छा गई थीं.
याना गुप्ता मूल रूप से चेकोस्लोवाकिया की रहने वाली थीं. 1979 में उनका जन्म चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो शहर में हुआ था, जो अब चेक रिपब्लिक का हिस्सा है. याना का असली नाम जाना सिंकोवा था. याना का मां-बाप दोनों का प्यार नसीब नहीं हुआ. याना जब बहुत छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए थे और फिर मां ने उनकी परवरिश की.
इस दौरान याना, उनकी बहन और मां को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, जिसके चलते याना ने पढ़ाई पूरी करने के बाद गार्डनिंग और पार्क आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू की. इसी दौरान उनकी एक दोस्त मॉडलिंग का कोर्स करने जा रही थी और उसने याना को भी ये करने की सलाह दी, जिसके बाद उनकी जिंदगी ने एक नया टर्न ले लिया.
याना गुप्ता यूरोप और जापान की मॉडलिंग दुनिया में एक मशहूर नाम थीं, लेकिन इस भागदौड़ भरी जिंदगी से वह जल्द ही थक गईं. तब उन्होंने शांति, सुकून और आध्यात्म की तलाश में भारत का रुख किया. मानसिक शांति की तलाश में भारत के पुण स्थित ओशो के आश्रम आ पहुंचीं. इसी दौरान याना की मुलाकात सत्यकाम गुप्ता से हुई. दोनों की दोस्ती हुई और फिर ये दोस्ती प्यार में बदल गई, जिसके बाद 2001 में दोनों ने शादी कर ली. शादी के बाद याना ने अपने नाम के साथ गुप्ता जोड़ लिया और भारत को ही अपना घर बना लिया.
सत्यकाम गुप्ता से शादी के बाद माना ने भारत में ही मॉडलिंग शुरू कर दी और इसी बीच मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी के साथ काम किया. डब्बू रत्नानी से मुलाकात के बाद याना की जिंदगी बदल गई. धीरे-धीरे उन्हें बड़े विज्ञापन और शो ऑफर होने लगे. 2003 में उनकी जिंदगी में तब बड़ा मोड़ आया, जब उन्होंने ‘दम’ में ”बाबूजी जरा धीरे चलो गाने में काम किया. इस गाने से वह रातोंरात स्टार बन गईं. इसके बाद उन्हें साउथ में भी कई आइटम सॉन्ग मिले. लेकिन, लोग उन्हें सिर्फ ग्लैमरस रोल और आइटम नंबर ही ऑफर करने लगे, जिससे वह परेशान होने लगीं.
याना गुप्ता ने कई आइटम नंबर किए और इसके बाद ‘झलक दिखला जा’ तथा ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी’ जैसे रियलिटी शोज़ में भी हिस्सा लिया. लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अभिनय की दुनिया से दूरी बनाना शुरू कर दिया. 2009 में याना अपनी किताब को लेकर सुर्खियों में रहीं, जो उन्होंने फिटनेस और खान-पान से जुड़ी समस्याओं पर लिखी थी.
इसके बाद वह 2018 में आई फिल्म ‘दशहरा’ में नजर आईं, जिसमें उन्होंने ‘जोगनिया’ गाना किया. तब से उन्होंने फिर से फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली. आज याना सोशल मीडिया पर भी बहुत सक्रिय नहीं हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इन दिनों योग, ध्यान और आध्यात्मिक जीवन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. साथ ही, उनका फोकस लेखन और संगीत पर भी है.



















