रीवा के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट विभाग ने विंध्य क्षेत्र में पहली बार हृदय रोग से पीड़ित एक बच्ची का सफल सर्जरी करके एक नया इतिहास कायम किया है. यह पहली बार है जब विंध्य क्षेत्र में इस तरीके का पहला ऑपरेशन हुआ था, यह कारनामा डॉक्टर एस के त्रिपाठी और उनकी टीम ने किया है. इससे पहले टीम एक ही दिन दो किडनी ट्रांसप्लांट करने का कारनामा कर चुकी है.
रीवा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट विभाग ने 6 वर्षीय मासूम के हृदय की सर्जरी सफलतापूर्वक करके एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है. डाक्टर एस के त्रिपाठी और उनकी टीम के कारनामों की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है. इससे पहले भी डाक्टर एसके त्रिपाठी और टीम एक ही दिन में दो किडनी का ट्रांसप्लांट करके सुर्खियों में रह चुकी हैं.
गौरतलब है अभी तक बच्चों की हृदय रोग सर्जरी के लिए रीवा, सतना और सीधी, शहडोल, अनूपपुर, सिंगरौली, पन्ना, छतरपुर, मऊगंज और मैहर जिले के लोग नागपुर, दिल्ली मुंबई की ओर रुख किया करते थे, लेकिन अब उनको यह सुविधा रीवा जिले में ही मिलने लगेगी, जिससे आसपास के मरीजों को न केवल इलाज की सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके बहुमूल्य पैसों की भी बचत हो सकेगी.
रिपोर्ट के मुताबिक.रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनने के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है. इस तरीके के ऑपरेशन हो रहे हैं, जो इसके पहले केवल महानगर में होते थे. रीवा के प्रोफेसर ऑफ कार्डियोलॉजी डॉ. एस.के. त्रिपाठी और उनकी टीम ने दिल में छेद की रोगी 6 साल की नायरा बानो का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है, जो विध्य क्षेत्र की पहली बाल पेडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी है.



















