तिरुवनंतपुरम: असम में सत्ता बरकार रखने और बंगाल जीतने वाली बीजेपी को केरल के मोर्चे पर भी गुड न्यूज मिली है। पार्टी ने 2016 के बाद दूसरी बार राज्य में कमल खिलाया है। बीजेपी के केरल ईकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर नेमोम से विजयी हुए हैं। इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता वी. मुरलीधन ने कझाकूटम से जीत हासिल की है। इसके अलावा पार्टी के नेता बी. बी गोपाकुमार चथन्नूर से जीते हैं। केरल विधानसभा चुनावों के लिए 9 अप्रैल को एक चरण में सभी 140 सीटों पर वोट डाले गए थे। केरल में बीजेपी ने प्रवेश के लिए काफी ताकत लगाई थी। केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ एलडीएफ की हार और कांग्रेस के अगुवाई वाले यूडीएफ की सत्ता में वापसी हुई है लेकिन बीजेपी ने भी तीन दिग्गज नेताओं की जीत के साथ विधानसभा में एंट्री ली है।
कौन कितने वोटों से जीता?
- राजीव चंद्रशेखर, नेमोम (3513 वोटों से)
- वी.मुरलीधरन, कझाकूटम (428 वोट से)
- बी. बी गोपाकुमार चथन्नूर (4398 वोटों से)
बीजेपी को कितने वोट मिले
केंद्रीय चुनाव आयोग के शाम पांच बजे तक आंकड़ों के अनुसार बीजेपी को केरल में करीब 24 लाख से अधिक वोट प्राप्त हुए। पार्टी के खाते में तीन सीटें आईं तो वहीं दूसरी ओर कई सीटों पर पार्टी ने यूडीएफ और एलडीएफ कैंडिडेट को कड़ी टक्कर दी। पूर्व डीजीपी आर श्रीलेखा चुनाव हार गईं लेकिन शोभा सुरेंद्रन, के. सुरेंद्रन ने अपने क्षेत्रों में काफी राउंड में बढ़त भी बनाई। कांग्रेस को केरल में करीब 29 फीसदी वोट मिले जबकि बीजेपी ने अकेले लड़ते हुए करीब 12 फीसदी वोट हासिल किए। पहली बार ऐसा होगा जब बीजेपी के तीन विधायक केरल के असेंबली में होंगे। 2016 में ओ. राजगोपाल ने नेमोम सीट पर कमल खिलाया था। बीजेपी ने अब 2026 में फिर से जीत हासिल की है। इस सीट पर राजीव चंद्रशेखर ने एलडीएफ से लड़े कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के कद्दावर नेता वी शिवनकुट्टी को हराया।



















