कोरबा। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में लोगों के आने-जाने के लिए पहुंच मार्ग को जिला प्रशासन द्वारा गंभीरता से पूरा किया जा रहा है। ग्रामीण सड़कों को बारहमासी आवागमन लायक बनाने प्रशासन जुटा हुआ है। ग्रामीण रास्तों के बीच आने-जाने वाले नदी-नालों पर पक्के पुल का भी निर्माण किया जा रहा है। पाली-तानाखार क्षेत्र के ग्रामीण मार्ग सरमा-जलके-पिपरिया पर कटई नाला पर पक्के पुल बनने से क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को आने-जाने की सुविधा मिल रही है। बरसात के मौसम में आने-जाने में होने वाली परेशानी अब दूर हो गई है। कटई नाले को पार करके पहले स्कूली बच्चों, मरीजों और आमजनों को आने-जाने मे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कटई नाले पर पानी भर जाने से बारिश के मौसम में इस क्षेत्र का सम्पर्क जिला एवं विकासखण्ड मुख्यालय से टूट जाता था। दूरस्थ वनांचल होने के कारण पुल बनने से क्षेत्र के लोगों के आने-जाने की सुविधा में बढ़ोत्तरी हुई है। सरमा-जलके-पिपरिया मार्ग पर बने पुल की लंबाई 96 मीटर है तथा चौड़ाई 8.4 मीटर है। पुल की चौड़ाई को दो वाहनों के एक साथ पार हो जाने लायक बनाया गया है। चार स्पान वाले इस पुल का निर्माण समय सीमा के अंदर पूरा किया गया है। अब स्कूली बच्चों के साथ मरीजों को भी समय में और बारहमासी पहुंच की सुविधा मिल रही है। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि नाले पर पानी भर जाने से बहुत परेशानियां उठानी पड़ती थी। बच्चे नाले पार कर स्कूल तक नहीं पहुंच पाते थे, मरीजों को समय पर बड़े अस्पताल ले जाने की सुविधा नहीं मिल पाती थी। ग्रामीणों ने बताया कि पुल बनने से आवागमन में होने वाली परेशानियां अब दूर हो गई है। आसपास के ग्रामीण पुल के बनने से अब व्यवसाय करने और बड़े बाजार जाने के लिए आसानी से आवागमन कर पा रहे हैं।
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