SpaceX IPO: एलन मस्क की कंपनी SpaceX का IPO आने वाला है और इसे लेकर भारतीय इन्वेस्टर्स में काफी क्रेज है. यह IPO 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार NASDAQ पर लिस्ट हो सकता है. कंपनी की वैल्यूएशन करीब 1.75 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 145 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है. अगर आप भी इस मेगा आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है. 

क्या भारत से SpaceX IPO में पैसा लगा सकते हैं?

हां, आप भारत में रहकर भी इस IPO में शामिल हो सकते हैं. भारतीय कानून के मुताबिक विदेशों में इंवेस्ट करने पर कोई पाबंदी नहीं है. लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है. भारतीय रिटेल (आम) इन्वेस्टर सीधे इस IPO में अप्लाई नहीं कर सकते. इसके लिए आपके पास एक इंटरनेशनल ब्रोकरेज अकाउंट होना चाहिए. आप आरबीआई (RBI) की ‘लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम’ (LRS) के तहत साल में 2.5 लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपये) तक विदेश भेजकर इस अकाउंट को फंड कर सकते हैं. दूसरा तरीका GIFT City के प्लेटफॉर्म्स का है, लेकिन वहां के नियम आम इन्वेस्टर्स के लिए काफी पेचीदा हैं. सीधे शब्दों में कहें, तो अगर आपके पास पहले से विदेशी ब्रोकर अकाउंट है और वह ब्रोकर इस IPO का एक्सेस दे रहा है, तभी आप अप्लाई कर पाएंगे. 

शेयर्स मिलने की कितनी उम्मीद है?

SpaceX के शेयर्स मिलने यानी अलॉटमेंट की उम्मीद काफी कम है. अमेरिकी शेयर बाजारों में आईपीओ का बड़ा हिस्सा बड़े संस्थागत इन्वेस्टर्स (Institutions) को मिलता है. हालांकि, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस IPO का करीब 30% हिस्सा (लगभग 22.5 बिलियन डॉलर) रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है.  इसके बावजूद, भारत जैसे इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स को कड़े एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, सीमित कोटा और स्थानीय नियमों की वजह से अलॉटमेंट मिलने की संभावना बहुत कम है. 

अलॉटमेंट न मिले तो SpaceX में इंवेस्ट कैसे करें?

अगर आपको IPO में शेयर्स नहीं मिलते हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. इसके लिए दो रास्ते और हैं:

  • डायरेक्ट ट्रेडिंग: जब SpaceX के शेयर्स NASDAQ पर रेगुलर ट्रेडिंग के लिए लिस्ट हो जाएंगे, तब आप अपने इंटरनेशनल ब्रोकरेज अकाउंट से इन्हें सीधे खरीद सकते हैं. 
  • म्यूचुअल फंड: लिस्टिंग के तुरंत बाद SpaceX को ‘Nasdaq 100 Index’ में शामिल किया जा सकता है. आप इस इंडेक्स को ट्रैक करने वाले भारतीय इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड के जरिए इंवेस्ट कर सकते हैं. हालांकि, अभी आरबीआई की लिमिट्स के कारण भारतीय फंड्स के पास इनवेस्टमेंट के सीमित ऑप्शन हैं. 

इस IPO में पैसा लगाने के रिस्क क्या हैं?

SpaceX का बिजनेस बहुत ज्यादा पूंजी (Capital) की मांग करता है. इस इनवेस्टमेंट से जुड़े बड़े रिस्क नीचे दिए गए हैं:

  • भारी-भरकम वैल्यूएशन: कंपनी की 1.75 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन उसकी मौजूदा सेल्स से 100 गुना ज्यादा है. यह पूरी तरह भविष्य की ग्रोथ के भरोसे है. 
  • मुनाफे की कमी: कंपनी ने खुद कहा है कि उसे जल्द मुनाफे (Profit) की उम्मीद नहीं है. 
  • इंडेक्स से दूरी: मुनाफे और अन्य कड़े नियमों को पूरा न करने के कारण SpaceX को फिलहाल ‘S&P 500 Index’ में जगह मिलने की संभावना नहीं है. 

रॉयटर्स के अनुसार, भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, फ्रांस, यूके और यूएई समेत कुल 29 देशों के लोग इसमें इंवेस्ट कर सकते हैं, लेकिन हर देश के अपने नियम और पाबंदियां हैं. इसलिए, हाइप के बजाय सोच-समझकर फैसला लें. 

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