राजनांदगांव। लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा पुस्तिका जारी की गई है, जिसमें समुदाय को स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर स्वयं को बीमारियों और जोखिम से बचाने की सलाह दी गई है, इसमें संतुलित खानपान के साथ ही नियमित व्यायाम की भी बात की गई है। हाल के दिनों में कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के शारीरिक गतिविधियों में कमी आई है और संक्रमण के भय से लोगों का मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में गैरसंचारी रोगों के प्रति और भी अधिक सजग होने की जरूरत पर भी बल दिया गया है। जीवनशैली खराब होने से गैरसंचारी रोगों के होने की संभावना भी बहुत अधिक हो जाती है। गैरसंचारी रोगों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप सबसे गंभीर माने जाते हैं। इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मेरी सेहत मेरा दायित्व नामक एक बुकलेट जारी कर इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड संक्रमण काल के दौरान गैरसंचारी रोगों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से पुस्तिका जारी की गई है। पुस्तिका में कहा गया है गैरसंचारी रोगों की रोकथाम के लिए सही जीवनशैली और खानपान महत्वपूर्ण हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सलाह देते हुए कहा गया है नियमित जांच से बीमारियों का सही समय पर इलाज संभव है और इन बीमारियो से होने वाले अन्य खतरों को कम किया जा सकता है। मंत्रालय द्वारा चार सवालों के जवाब हां में होने पर मधुमेह की जांच कराने की सलाह दी गयी है। परिवार में किसी को मधुमेह या उच्च रक्तचाप होने, वजन अधिक होने, 30 वर्ष या इससे अधिक आयुए तंबाकू व शराब का सेवन करने आदि के जवाब हां में हैं तो ऐसे लोगों को इसकी जांच करानी जरूरी है। साथ ही आरामपरस्त जीवनशैली और असंतुलित खानपान के आदि लोगों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गयी है। बार-बार पेशाब आना, बहुत अधिक प्यास लगना एवं अक्सर भूख लगना आदि लक्षणों को अनदेखा नहीं करते हुए ब्लड शुगर टेस्ट कराने की सलाह दी गयी है। यदि लगातार दो बार उपर का रक्तचाप (सिस्टोलिक) 140 मिमी और उससे अधिक आये और नीचे का रक्तचाप (डाईस्टोलिक) 90 मिमी या उससे अधिक आये तो यह उच्च रक्तचाप के संकेत होते हैं। उच्चरक्तचाप व मधुमेह की समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं, इससे दिल की बीमारियों, दिल के दौरे, लकवा, अंधेपन और किडनी की बीमारियों के खतरे बढऩे की संभावना अधिक होती है। मंत्रालय द्वारा जारी बुकलेट में उच्च रक्तचाप कम करने के लिए वजन कम करने की सलाह दी गयी हैं और साथ ही नमक के कम इस्तेमाल और तनाव से दूर रहने की भी बताई गयी है। शराब, तंबाकू जैसे गुटखा व धूम्रपान आदि से दूर रहने और आहार में ताजे मौसमी फल व सब्जियों की मात्रा बढ़ाने के साथ शारीरिक व्यायाम करने की सलाह दी गयी है। मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से पीडि़त मरीज को भोजन में अंकुरित अनाज के अलाव दलिया और मिश्रित आटा खाने की हिदायत भी दी गयी है। साथ ही तेल मसालेदार भोजन व फास्ट फूड, चीनी वाली मिठाईयां व कोल्ड ड्रिंक आदि के सेवन से बचने के लिए कहा गया है।
मधुमेह व उच्च रक्तचाप से बचने के लिए खानपान के साथ जीवनशैली में व्यायाम को अवश्य शामिल करेंण् यदि कोई मधुमेह या रक्तचाप से पीडि़त हैं तो उन्हें भी अपने उम्र के अनुसार व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम से ब्लड शुगर के स्तर में कमी होती है और मधुमेह का बेहतर नियंत्रण होता है। इंसुलिन का बेहतर नियंत्रण के साथ इसकी जरूरत में कमी होती है।
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