नई दिल्ली। शिवसेना (उद्धव गुट) में एक बार फिर बड़ी टूट की संभावना मंडरा रही है। गुरुवार को पार्टी सांसद अनिल देसाई द्वारा दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक से 9 में से 6 लोकसभा सांसद नदारद रहे। ये 6 सांसद लोकसभा में शिवसेना (UBT) की कुल ताकत का दो-तिहाई हिस्सा हैं। शिवसेना (उद्धव गुट) ने इस खुली बगावत को देखते हुए सभी अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनकी सदस्यता रद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ऑपरेशन टाइगर की अटकलें
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ऑपरेशन टाइगर को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। ऐसी अटकलें हैं कि शिवसेना (UBT) के वर्तमान 9 में से 7 सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और पाला बदलने पर विचार कर रहे हैं। इस घटनाक्रम ने 2022 में शिंदे के नेतृत्व में हुई उस बगावत की चिंताएं फिर से पैदा कर दी हैं, जिसने पार्टी को दो धड़ों में बांट दिया था।
शिवसेना (UBT) ने अपने सभी सांसदों को दिल्ली स्थित संसद कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया था। पार्टी के सभी 9 लोकसभा सांसदों अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय जाधव, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर और राजभाऊ वाजे को उपस्थित रहना था।
लेकिन बैठक के बाद सांसद राजभाऊ वाजे ने पुष्टि की कि कुल 6 सांसद इस जमावड़े से गायब रहे। बैठक में लोकसभा के सिर्फ तीन सांसदअरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। इनके अलावा राज्यसभा सांसद संजय राउत भी मौजूद थे।
यह गद्दारी और साजिश है: संजय राउत
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी और अनुपस्थित सांसदों की इस रणनीति को धोखा, बेईमानी, साजिश और फर्जीवाड़ा करार दिया। राउत ने कहा कि हमारे लोकसभा नेता अरविंद सावंत और मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने आज सुबह 11 बजे सांसदों की बैठक बुलाई थी।
जो सदस्य इस बैठक में शामिल नहीं हुए, हम उसे पार्टी व्हिप का उल्लंघन मानते हैं। उन्होंने पार्टी के आदेशों का पालन नहीं किया है, इसलिए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राउत ने बागी सांसदों के कदमों पर सवाल उठाते हुए कहा, “उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा, जवाब मांगे जाएंगे और हम उनकी सदस्यता रद्द करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कल लोकसभा स्पीकर से मिलकर विलय की मांग की है। हम भी अध्यक्ष से मिले थे मैं, अरविंद सावंत और अनिल देसाई। हमारी तस्वीर भी प्रकाशित हुई थी। अगर उन छह लोगों ने अध्यक्ष से मुलाकात की है, तो वे अपना चेहरा दिखाएं।”
कारण बताओ नोटिस जारी
पार्टी सांसद अनिल देसाई ने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया, “बैठक खत्म होते ही आज कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है। कार्रवाई यही है कि नोटिस देकर पूछा गया है, आप क्यों नहीं आए? आपको मैसेज किया गया था, व्हाट्सएप किया गया था और आपको वह मिला भी था। फिर भी आपने यह नहीं बताया कि आप आ रहे हैं या नहीं, इसलिए आपकी अनुपस्थिति को इसी रूप में देखा जाएगा।”
संजय राउत ने एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि गंदी राजनीति करने के लिए बीजेपी को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने बागी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा, “आप अभी भी पार्टी के सदस्य हैं। आपने हमारी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता है। यदि आप व्हिप का उल्लंघन करते हैं, तो कानूनी कार्रवाई होगी। टीवी पर देखा जा सकता है कि इन लोगों के निर्वाचन क्षेत्रों में जनता सड़कों पर उतर आई है। इस बार यह गद्दारी एकनाथ शिंदे और इन गद्दारों को बहुत भारी पड़ेगी। अरविंद सावंत अयोग्यता पत्र के लिए दस्तावेज़ तैयार कर रहे हैं।”



















