बेंगलुरु: कर्नाटक में विधानपरिषद की सात खाली सीटों के चुनावों में क्रॉस वोटिंग सामने आई है। बीजेपी को चुनावों में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। पार्टी से कुछ समय पहले निष्कासित किए गए दो विधायकों ने कांग्रेस के कैंडिडेट के समर्थन में वोट दिया। सात सीटों के लिए कुल आठ उम्मीदवार मैदान में है। ऐसे में प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोट चाहिए। कांग्रेस ने पांच कैंडिडेट उतारे हैं। इनमें चार राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी ने 5 उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें से चार उम्मीदवार (बी के हरिप्रसाद, तिप्पन्ना कामकनूर, पी वी मोहन और शिवन्ना मलवल्ली) विधानसभा में संख्या बल के आधार पर आसानी से जीत दर्ज करने की स्थिति में हैं। पांचवें कैंडिडेट की जीत क्रॉस वोटिंग पर टिकी है।
कौन दो विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग?
भाजपा के दो उम्मीदवारों (रघु कौटिल्य और लिंगराज पाटिल) की जीत तय मानी जा रही है। असली मुकाबला 7वीं सीट के लिए कांग्रेस के विनय कार्तिक और जद(एस) के गोविंदराजू के बीच है। मतदान के बीच भाजपा से निष्कासित दो विधायकों (एस टी सोमशेखर और शिवराम हेब्बार) द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग करने का दावा किया गया है। जिससे कांग्रेस को 5वीं सीट मिलने की राह आसान हो सकती है। सभी 7 सीटों के लिए मतों की गिनती आज (18 जून) शाम 4 बजे मतदान समाप्त होने के बाद की जाएगी और देर शाम तक अंतिम परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। कर्नाटक की विधान परिषद में कुल सदस्यशें की संख्या 75 है। इसमें 64 सीटें निर्वाचन और 11 सीटें मनोनीत से भरी जारी हैं।
क्या जीत जाएंगे विनय कार्तिक
कांग्रेस के कैंडिडेट विनय कार्तिक को सीएम डीके शिवकुमार का करीबी माना जाता है। क्रॉस वोटिंग के बाद संभावना है कि वह जीत सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी की सहयोगी और एचडी देवेगौड़ा की अगुवाई वाली जेडीएस को झटका लगेगा। सातवीं सीट के लिए कांग्रेस के विनय कार्तिक और जद(एस) के गोविंदराजू के बीच सीधी टक्कर है। कर्नाटक विधानसभा में जेडीएस के पास 18 विधायक हैं जबकि बीजेपी के पास 63 और कांग्रेस के पास संख्या बल 140 का है। इसमें 136 उसके अपने विधायक हैं।



















