देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाली सीमा सुरक्षा बल (BSF) की भर्ती प्रक्रिया में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है. मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी एक युवक ने कथित तौर पर सॉल्वर की मदद से SSC परीक्षा और मेडिकल टेस्ट पास कर BSF में कॉन्स्टेबल की नौकरी हासिल कर ली. नियुक्ति मिलने के बाद वह बेंगलुरु स्थित BSF ट्रेनिंग सेंटर पहुंचा और 12 दिन तक प्रशिक्षण भी लेता रहा. हालांकि अंतिम दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच के दौरान उसके फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए, जिससे पूरा मामला उजागर हो गया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर भर्ती घोटाले से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है.
BSF भर्ती प्रक्रिया में सेंध का मामला सामने आया
ग्वालियर से जुड़े BSF भर्ती फर्जीवाड़े ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है. आरोप है कि जबलपुर निवासी शिव सिंह ने अपनी जगह किसी दूसरे व्यक्ति से परीक्षा और मेडिकल टेस्ट दिलवाकर कॉन्स्टेबल (GD) पद हासिल कर लिया. मामले का खुलासा तब हुआ जब भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया.
12 दिन तक करता रहा ट्रेनिंग
जानकारी के अनुसार मनमोहन नगर, रांझी (जबलपुर) निवासी शिव सिंह का चयन SSC परीक्षा-2025 के माध्यम से BSF कॉन्स्टेबल पद पर हुआ था. चयन के बाद वह 9 मार्च 2026 को बेंगलुरु स्थित BSF ट्रेनिंग सेंटर पहुंचा और प्रशिक्षण शुरू कर दिया. करीब 12 दिन तक वह प्रशिक्षण लेता रहा.
बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल
21 मार्च को दस्तावेजों के अंतिम सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान की प्रक्रिया के दौरान उसके फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए. अधिकारियों ने कई बार जांच की, लेकिन हर बार सिस्टम ने 100 प्रतिशत मिसमैच दिखाया. इसके बाद भर्ती से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की गई. जांच के दौरान SSC आवेदन पत्र और ई-एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीरों तथा अन्य अभिलेखों के मिलान में भी गड़बड़ी सामने आई
50 हजार रुपये में किया था सौदा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी शिव सिंह ने स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपये देकर एक अज्ञात सॉल्वर को अपनी जगह लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट देने के लिए तैयार किया था. यही सॉल्वर भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में शामिल हुआ, जबकि चयन होने के बाद वास्तविक अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए पहुंच गया.
ग्वालियर परीक्षा केंद्र से जुड़ा मामला
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि जांच में सामने आया है कि भर्ती प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र स्थित परीक्षा केंद्र में संपन्न हुआ था. इसी कारण मामले की शिकायत मिलने पर बिजौली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है.
सॉल्वर गैंग की तलाश में पुलिस
सीएसपी रोबिन जैन के अनुसार पुलिस अब उस सॉल्वर और पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है, जिसने भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाई. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने सॉल्वर से संपर्क कैसे किया, उसके पीछे कौन लोग थे और क्या इस तरह के अन्य मामले भी भर्ती प्रक्रिया में सामने आ सकते हैं.



















