कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद पार्टी के बीच खींचतान पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है। पूर्व सीएम सिद्धरामय्या और वर्तमान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक कई मौकों पर एक दूसरे के खिलाफ और अपने नेता के समर्थन में बयानबाजी करते नजर आते है। इसी बीच एक ऐसी ही घटना सामने आई है जहां डीके शिवकुमार के समर्थन में नारेबाजी करने पर पार्टी कार्यकर्ताओं को फटकार लगी। यह मौका था बीके हरिप्रसाद के शपथ ग्रहण समारोह का और कार्यक्रम के दौरान डीके शिवकुमार के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई थी। कार्यकर्ताओं को अपनी इस हरकत के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की डांट का सामना करना पड़ा। खरगे कार्यकर्ताओं की इस हरकत से नाराज हो गए और उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढाते हुए उन्हें फालतू लोग कह दिया।
बाकी लोग क्या कचरा साफ करने आए है- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कहा कि यह कार्यक्रम किसी एक नेता का नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी का है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि समारोह के दौरान लगातार डीके-डीके के नारे लगने के बाद खरगे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द नहीं चलती और यहां सभी नेता संगठन को मजबूत करने के लिए मौजूद हैं। खरगे ने गुस्से में कहा कि अगर हर समूह अपने पसंदीदा नेता का नाम चिल्लाएगा तो बाकी लोग यहां क्या कचरा साफ करने आए हैं। उनके बयान के दौरान मंच पर मौजूद कई वरिष्ठ नेता भी असहज नजर आए।
डीके शिवकुमार ने संभाला माहौल
खरगे के नाराज होने के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार तुरंत खडे हुए और समर्थकों को शांत रहने का इशारा किया। उन्होंने हाथ जोडकर कार्यकर्ताओं से बैठने और कार्यक्रम को आगे बढाने की अपील की। कांग्रेस हाईकमान नहीं चाहता कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी के भीतर फिर किसी तरह का शक्ति प्रदर्शन दिखे। इसी वजह से मंच पर अनुशासन बनाए रखने की कोशिश की गई।
कर्नाटक कांग्रेस में चला लंबा सत्ता संघर्ष
कर्नाटक में 2023 चुनाव जीतने के बाद से ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही थी। कांग्रेस ने पहले सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया था जबकि डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई। बाद में ढाई साल के रोटेशन फार्मूले की चर्चा तेज हुई। आखिरकार मई 2026 में सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया और जून में डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बने। पार्टी अब इस विवाद को पीछे छोडकर अगले चुनाव की तैयारी में जुटी है।



















