महाराष्ट्र के नाशिक महानगरपालिका द्वारा आयोजित टीकाकरण शिविर में टिटनेस और डिप्थीरिया (TT) का इंजेक्शन लेने के कुछ ही मिनटों बाद 17 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई. घटना बुधवार दोपहर सिडको इलाके की है. मृतका की पहचान श्रावणी पाटिल के रूप में हुई है. शव का पोस्टमार्टम कराकर मौत का सटीक कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है.
अचानक सड़क पर गिरी श्रावणी
श्रावणी अपने पिता अनिल पाटिल के साथ दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर परिसर स्थित टीकाकरण केंद्र गई थी. इंजेक्शन लगवाने के बाद वह पिता के साथ कुछ ही दूर चली थी कि अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी और उसकी नाक से खून आने लगा. उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने मोरवाड़ी स्थित महानगरपालिका अस्पताल में जमकर हंगामा किया. अंबड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है.
स्वास्थ्य विभाग का स्पष्टीकरण और कार्रवाई
शुरुआत में सोशल मीडिया पर इसके सर्वाइकल कैंसर रोधी वैक्सीन होने की अफवाह उड़ी थी, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने साफ किया कि यह TT वैक्सीन थी. एहतियात के तौर पर नाशिक शहर में फिलहाल इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है.
स्वास्थ्य उपसंचालक कपिल आहेर ने बताया कि यह एक नियमित वैक्सीन है. जिस वायल (शीशी) से श्रावणी को डोज दी गई, उसी से पांच अन्य लोगों को भी वैक्सीन लगाई गई थी, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे से एक विशेष टीकाकरण निगरानी टीम जांच के लिए नाशिक पहुंच रही है.” उधर, मृतका के पिता ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.



















