भुवनेश्वर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्रिमंडल का 28 या 29 जून को फेरदबल और विस्तार कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल में बड़े बदलाव की संभावना व्यक्त की जा रही है। चर्चा है काफी मंत्रियों को हटाया जा सकता है और काफी के विभाग बदले जा सकते हैं। मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच ओड़िशा में जन्में और तमिलनाडु कैडर के पूर्व आईएएस शक्तिकांत दास का नाम वित्त मंत्री के तौर पर चर्चा में है। इसकी बड़ी वजह उनका मजबूत बायोडाटा है। वह वर्तमान में प्रणानमंत्री प्रधान सचिव है। शक्तिकांत दास की अभी उम्र 69 साल है। अगर वे देश के नए वित्त मंत्री बननते हैं तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सी डी देशमुख की बराबरी करेंगे। अभी तक दो पूर्व आरबीआई गर्वनर देश के वित्त मंत्री बने हैं।
शक्तिकांत दास रचेंगे इतिहास
सीडी देशमुख आरबीआई के पहले भारतीय गवर्नर (1943–1949) थे। इसके बाद वे 1950 से 1956 तक भारत के केंद्रीय वित्त मंत्री रहे। डॉ. मनमोहन सिंह 1982 से 1985 तक आरबीआई के गवर्नर रहे। बाद में वे 1991 से 1996 तक भारत के वित्त मंत्री बने। इसके बाद 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। भारत को आजादी मिलने के बाद सिर्फ मनमोहन सिंह को यह गौरव हासिल हुआ है। शक्तिकांत दास 25वें आरबीआई गवर्नर के तौर पर काम कर चुके हैं। शक्तिकांत दास का बायोडाटा वित्त मंत्री के लिए बेहद मजबूत है। वे वित्त मंत्रालय में आठ केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं। उन्हें अर्थव्यवस्था, कराधान और निवेश के मामलों की गहरी समझ है। शक्तिकांत दास के आरबीआई के गवर्नर के रूप में उनके शानदार कार्यकाल के लिए उन्हें वैश्विक स्तर पर ‘A+’ रेटिंग और शीर्ष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। शक्तिकांत दास अभी संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। अगर वे वित्त मंत्री बनते हैं। छह महीने में किसी सदन के सदस्य बन सकते हैं। चर्चा है कि बीजेपी के सामने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजने का विकल्प है। नवंबर, 2026 उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटें खाली होनी है।
शक्तिकांत दास की बड़ी बातें
- शक्तिकांत दास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे विश्वसनीय अधिकारियों में से एक हैं।
- 2016 की नोटबंदी के दौरान और कोविड-19 महामारी के समय संकट-प्रबंधन (क्राइसिस मैनेजमेंट) में असाधारण क्षमता दिखाई है।
- दास ने अपनी प्रशासनिक विशेषज्ञता, आर्थिक फैसलों में सरकार और रिजर्व बैंक के बीच समन्वय बनाकर पीएम का भरोसा जीता है।
ओडिशा में जन्म, दिल्ली में पढ़ाई
शक्तिकांत दास का जन्म 26 फरवरी 1957 को ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई भुवनेश्वर के ‘डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपर्पस स्कूल’ से पूरी की। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आ गए। उन्होंने डीयू के प्रतिष्ठित ‘सेंट स्टीफंस कॉलेज’ से इतिहास में बीएस और एमए की डिग्री हासिल की। दास ने बर्मिंघम विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है। शक्तिकांत दास 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के एक बेहद सफल आईएएस अधिकारी रहे हैं।इतिहास के छात्र होने के बावजूद उन्होंने अपने 37 साल से लंबे प्रशासनिक करियर में ज्यादातर काम देश के आर्थिक और वित्त विभागों में किया। वे भारत के राजस्व सचिव और आर्थिक मामलों के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वह दिसंबर 2018 से दिसंबर 2024 तक आरबीआई गवर्नर रहे। आरबीआई से सेवानिवृत्त होने के बाद, फरवरी 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। तमिलनाडु में सेवाकाल के दौरान शक्तिकांत दास डिंडिगुल और कांचीपुरम जिले कलेक्टर भी रहे हैं।



















