बेंगलुरु: कर्नाटक के बेंगलुरु के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है। एक खदान में मजदूरों पर चट्टान गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कम से कम छह अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, साउथ बेंगलुरु के मडापट्टाना गांव में उदयशंकर क्रशर के परिसर में जब चट्टान गिरा, तब वहां 20 मजदूर काम कर रहे थे। सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए । उन्हें मैसूर रोड स्थित आरआर अस्पताल ले जाया गया। घायलों में से दो की हालत गंभीर है।
मजदूरों को नहीं मिला संभलने का मौका
खादान में अर्थ-मूविंग मशीन चला रहे एक प्रत्यक्षदर्शी विनोद कुमार ने कहा कि चट्टान इतनी तेजी से गिरा कि मजदूरों को संभलने का बहुत कम समय मिला। मारे गए श्रमिकों के परिजनों ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर थे और काम की तलाश में वहां आए थे। मारे गए मजदूर रामा नायक की मां ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 7:30 बजे फोन आया कि उनका बेटा हादसे में नहीं बचा है। उन्हें बताया गया कि यह हादसा सुबह करीब पांच बजे हुआ। राम नायक को 800 रुपये की दिहाड़ी मिलती थी। परिवार की चिंता यह है कि अब उनकी देखभाल कौन करेगा? रामा नायक का परिवार उत्तरी कर्नाटक के यादगीर जिले का रहने वाला है।
तमिलनाडु के मजदूर रहे भाग्यशाली
चट्टान गिरने की घटना में खादान में काम करने वाले राजू भी मारे गए। जब हादसा हुआ, उनका बेटा भी वहीं कुछ दूरी पर ट्रैक्टर चला रहा था। तमिलनाडु से आए श्रमिक गोपी भाग्यशाली रहे, जिनकी जान बाल-बाल बच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को अस्थिर चट्टानों के बारे में चेतावनी नहीं दी गई थी। स्थानीय विधायक एसटी सोमशेखर ने न सिर्फ खदान के मालिक और मैनेजर बल्कि देखरेख के लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने कहा कि इस हादसे के बाद सरकार गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। स्थानीय विधायक एसटी सोमशेखर से खदान मालिक के साथ जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।



















