बेंगलुरु: कर्नाटक में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) पर घमासान जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री शोभा करांदलाजे ने कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार देश की डेमोग्राफिक प्रोफाइल को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री ने दावा किया कि अन्य राज्यों में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए कर्नाटक पहुंचे हैं। बिहार और पश्चिम बंगाल में रह रहे कई अवैध बांग्लादेशी ट्रेन और अन्य माध्यमों से कर्नाटक आए हैं। मीडिया में भी इस संबंध में खबरें प्रकाशित हुई हैं और अधिकारी भी इस स्थिति से अवगत हैं। कर्नाटक में एसआईआर की अंतिम तारीख 29 जुलाई है।

गृह मंत्री अमित शाह हस्तक्षेप की मांग

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने कर्नाटक सरकार के प्रस्तावित कर्नाटक स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी), 2026 को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला संविधान और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। बेंगलुरु स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में शोभा करांदलाजे ने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ‘अहंकार’ में काम कर रहे हैं और देश की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

‘संतुलन बिगाड़ने की कोशिश….’

केंद्रीय मंत्री शोभा करांदलाजे ने कहा कि मुख्यमंत्री को लगता है कि कांग्रेस हाईकमान का समर्थन होने के कारण वे कुछ भी कर सकते हैं और उनसे कोई सवाल नहीं पूछेगा। आप भारत की जनसांख्यिकी बदलने और देश के जनसंख्या संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसे याद रखिए। शोभा करांदलाजे ने सवाल उठाया कि किसी राज्य सरकार को स्थायी निवास प्रमाण पत्र या नागरिकता जैसी पहचान देने का अधिकार किसने दिया है? उन्होंने कहा कि यह कदम कर्नाटक की सुरक्षा और देश के हितों के लिए खतरा बन सकता है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने दावा किया कि अन्य राज्यों में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए कर्नाटक पहुंचे हैं। बिहार और पश्चिम बंगाल में रह रहे कई अवैध बांग्लादेशी ट्रेन और अन्य माध्यमों से कर्नाटक आए हैं। मीडिया में भी इस संबंध में खबरें प्रकाशित हुई हैं और अधिकारी भी इस स्थिति से अवगत हैं।

स्थानीय लोगों की कोई चिंता नहीं

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का उद्देश्य इन अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थानीय लोगों के हितों की कोई चिंता नहीं है। उसका मकसद घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल करना और उन्हें सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि पीआरसी लागू किया गया तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। शोभा करांदलाजे ने दावा किया कि एक विशेष धर्म और समुदाय के लोगों को मस्जिदों और अन्य स्थानों पर एकत्र कर मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया। बता दें कि कर्नाटक स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल अवैध प्रवासियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा सकता है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि यह उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाला एक प्रशासनिक कदम है। 

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