मुंबई में एक लड़की की बहादुरी ने घर में घुसे लुटेरों के न सिर्फ छक्के छुड़ाए बल्कि अपने बुजुर्ग पिता को भी सुरक्षित बचा लिया. मुंबई के डोंबिवली इलाके में यह घटना हुई. पुलिस की जांच से साफ हुआ कि एक पड़ोसी ने ही लूट की साजिश रची थी. 61 साल के अशोक गोरी रिटायर्ड बैंक कर्मचारी हैं. शुक्रवार को जब वो घर पर अकेले थे तो तीन लुटेरे घर में लूट को अंजाम देने के इरादे से घुसे. अभी लुटेरे घर के अंदर ही थे कि गोरी की 20 साल की बेटी प्रतीक्षा वहां पहुंच गई. प्रतीक्षा ने देखा कि उसके पिता के हाथ बंधे हुए थे और चेहरा ढका हुआ था. प्रतीक्षा को अचानक देखकर लुटेरे सकपका गए. उन्होंने प्रतीक्षा पर भी हमला कर उसे बांधने की कोशिश की. लेकिन प्रतीक्षा ने हिम्मत दिखाई और शोर मचा दिया. यही नहीं लुटेरे जब भाग रहे थे तो प्रतीक्षा ने एक का मोबाइल भी छीन लिया. इस मोबाइल के रिकॉर्ड और बिल्डिंग की सीसीटीवी फुटेज की मदद से डोंबिवली के विष्णु नगर थाना की पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की. तीनों को 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपियों की पहचान चेतन मकवाना, अब्दुल शेख और चंद्रिका के तौर पर हुई. पुलिस की जांच में ये हैरान करने वाला एंगल सामने आया कि लूट की साजिश गोरी के फ्लैट से एक फ्लोर ऊपर रहने वाले पड़ोसी ने ही रची थी. पड़ोसी दिनेश रावल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक गोरी के घर से कीमती वस्तुओं की लूट के इरादे से ये साजिश रची गई. दरअसल, गोरी घर का दरवाजा खुला रखते थे क्योंकि उन्हें खड़े होकर दरवाजा खोलने में दिक्कत होती थी. ऐसे में गोरी के घर पर रावल नजर रखने लगा कि कब उनकी पत्नी और बेटी घर से बाहर जाएंगी. शुक्रवार को दोनों घर से बाहर गई तो रावल ने लुटेरों को गोरी के घर पर अकेले होने के बारे में बताया. शुक्रवार को लुटेरे अभी घर पर ही थे कि प्रतीक्षा वहां पहुंच गई और डट कर उनका सामना किया. प्रतीक्षा की दिलेरी की पड़ोसी भी तारीफ कर रहे हैं.
Previous ArticleGeorgia: Politics and Sports Are Not Mixing Well Enough
Next Article देवलाल का मकान का सपना हुआ साकार
Related Posts
Add A Comment


















