राजधानी दिल्ली में 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर आज दोपहर भारी गहमागहमी देखने को मिल सकती है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। एक तरफ जहां दिल्ली में बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस दफ्तर को घेरने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर देश के तमाम राज्यों और जिलों में भी व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का खाका खींचा गया है।

दिल्ली में गदर, लखनऊ में भी असर: कांग्रेस दफ्तर पर बीजेपी करेगी प्रदर्शन

आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) लखनऊ में एक बहुत बड़ा मोर्चा खोलने जा रही है। बीजेपी का यह हल्लाबोल सीधे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) मुख्यालय के बाहर दोपहर 1:00 बजे से प्रस्तावित है, जिसका नेतृत्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी करेंगे।

बीजेपी का पलटवार: “संवैधानिक मर्यादाओं का हनन बर्दाश्त नहीं”

बीजेपी नेताओं का तर्क है कि लोकतंत्र में विरोध का अपना स्थान है, लेकिन प्रधानमंत्री निवास का इस तरह घेराव करना और अराजकता फैलाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। इसी के जवाब में आज लखनऊ में बीजेपी कार्यकर्ता एकजुट होकर कांग्रेस के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन दर्ज कराएंगे।

NEET विवाद क्यों बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा?

NEET परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर साल लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी। इसी कारण यह मामला केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संसद और राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया।

विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मानसून सत्र पर पड़ रहा असर

लगातार हंगामे के कारण संसद का बहुमूल्य समय प्रभावित हो रहा है। कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य और सरकारी एजेंडा भी प्रभावित होने की आशंका है। संसदीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में भी सदन के सुचारु संचालन पर सवाल बने रह सकते हैं।

आज के प्रदर्शन पर रहेगी पूरे देश की नजर

बीजेपी के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है। एक ओर सत्ता पक्ष कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा बना रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष NEET पेपर लीक और छात्रों के भविष्य को राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनाए रखने की कोशिश में है।

ऐसे में यह स्पष्ट है कि मानसून सत्र के आने वाले दिनों में संसद के भीतर बहस और बाहर राजनीतिक संघर्ष दोनों और तेज हो सकते हैं। NEET विवाद अब केवल परीक्षा व्यवस्था का सवाल नहीं रह गया है, बल्कि केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच व्यापक राजनीतिक मुकाबले का प्रमुख मुद्दा बन चुका है।

क्या था दिल्ली का वो हंगामा, जिसने बढ़ाई सियासी तपिश?

मंगलवार को दिल्ली की सड़कों पर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा पेपर लीक मामले, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था।

लोक कल्याण मार्ग पर मार्च: राजाजी मार्ग से पीएम आवास की ओर बढ़े कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

वरिष्ठ नेताओं की हिरासत: दिल्ली पुलिस ने सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बाद में छत्रसाल स्टेडियम व मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया।

विपक्षी एकजुटता: इस विरोध प्रदर्शन में केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और केरल के वरिष्ठ नेताओं की भी मौजूदगी देखी गई।

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