मोदी कैबिनेट की बैठक खत्म हो चुकी है. इस बैठक बैठ में पेपर लीक पर सजा के कानून को सख्त बनाने से जुड़े बिल को मंजूर मिली है. इस बैठक के बाद पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चल रही है. सूत्रों के मुताबिक बिल में पेपर लीक के ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के मामले में 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है. अगले हफ्ते संसद में इस बिल को पेश किया जा सकता है.
पीएम मोदी ने वीडियो जारी कर दिए थे संकेत
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देशभर में छात्र पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और संसद के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है.दरअसल, कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले पीएम मोदी ने 23 जुलाई देर रात तीन मिनट का एक वीडियो संदेश जारी कर इस दिशा में बड़े संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा देने वाले कानून के मसौदे पर चर्चा की जाएगी.
प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है. इससे देश के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को गहरा दुख पहुंचा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस समस्या से सख्ती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाई जाएगी. इससे पहले गुरुवार सुबह भी प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था.
अगले हफ्ते संसद में पेश किया जा सकता बिल
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए थे. अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद सभी की नजर अगले हफ्ते संसद पर रहेगी, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश किए जाने की संभावना है. वहीं, नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
केंद्र सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी किया. सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है. उन्होंने विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है.



















