लुधियाना – पंजाब भर में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन में पहुंच गई है और ब्लैकआउट जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कई जिले अंधेरे में डूबे हुए हैं और इस हड़ताल ने पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। शहर के ज्यादातर इलाकों में हालात बदतर हो गए हैं। बिजली सप्लाई गुल होने के कारण आम जनता की कोई सुनवाई नहीं हो रही, न ही पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन की तरफ से उपभोक्ताओं की शिकायतों को हल करने के लिए जारी टोल-फ्री नंबर 1912 पर कोई कर्मचारी तैनात है, और न ही औद्योगिक नगरी में बिजली की शिकायतों को हल करने के लिए कोई स्टाफ मौजूद है। हालात इतने दयनीय हो गए हैं कि आम जनता कर्मचारियों की हड़ताल और सरकार के सख्त रवैये के बीच चक्की में गेहूं की तरह पिसने को मजबूर दिख रही है। जानकारी के मुताबिक शहर के कुछ इलाकों में दोपहर में कटी बिजली सप्लाई देर रात खबर लिखे जाने तक बहाल नहीं हो पाई थी। ऐसे में आम लोगों और इंडस्ट्रियल घरानों के घरों में कई घंटों तक बिजली सप्लाई कटी रहने की वजह से पूरे शहर में पीने के पानी की दिक्कत हो गई, वहीं इन्वर्टर, जनरेटर और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद हो गईं।
माना जा रहा है कि इतिहास में यह पहली बार ऐसा हुआ है कि जब पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन का 90 से 95 परसेंट स्टाफ हड़ताल पर चल रहा हो जिस संबंध में पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन मैनेजमेंट की आम जनता में जमकर किरकिरी हो रही है पर इस बात का शायद सरकार और मैनेजमेंट की सेहत पर कोई असर नहीं हो रहा। पावरकॉम विभाग से संबंधित हड़ताली कर्मचारियों की तरफ से मीडिया के साथ शेयर किए गए एक अहम वीडियो क्लिप में दावा किया गया है कि पावरकॉम अधिकारियों ने अपनी साख बचाने के लिए अनजान कर्मचारियों को पावर ग्रिड और फीडर पर ड्यूटी पर लगा दिया है, जहां कम अनुभवी कर्मचारियों द्वारा पावर सप्लाई चालू और बंद करने के लिए ऐसे काम किए जा रहे हैं, जिससे पावर हाउस, फीडर आदि में शॉर्ट सर्किट हो रहे हैं और बिजली की लाइनों में बड़े धमाके हो रहे हैं।
उन्होंने जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी बड़ी लापरवाही से बचने के लिए सुरक्षित उपाय अपनाएं, ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान को रोका जा सके। इस बीच देर रात बिजली सप्लाई बंद होने से गुरु नानक देव नगर, सरदार नगर, फरीद नगर, जगदीप नगर, सुंदर नगर, शिवपुरी, प्रीतम नगर, न्यू शिवपुरी आदि इलाकों में हंगामा हो गया। लोग पीने का पानी भरने के लिए खाली कंटेनर लेकर इधर-उधर भटकते नजर आए। इस बीच पावरकॉम अधिकारियों ने अपनी मजबूरी का हवाला देते हुए दावा किया है कि 90 फीसदी स्टाफ हड़ताल पर है। ऐसे में पूरे शहर में बिजली सप्लाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एसडीओ, एक्सईन, एसई और चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारियों समेत सिर्फ 10 फीसदी स्टाफ ही बिजली घरों और दफ्तरों में दिन-रात ड्यूटी पर है, ताकि लोगों को बेहतर बिजली सप्लाई व्यवस्था दी जा सके।



















