बेंगलुरु : कमजोर मॉनसून और पानी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री मिलने जा रहे हैं। सीएम डीके शिवकुमार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की यह मुलाकात 3 अगस्त को बेंगलुरु में होगी। दोनों सीएम कावेरी जल-बंटवारे के मुद्दे पर और मेकेदातु प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के लिए मिलेंगे।
शिवकुमार ने कहा कि विजय ने अंतर-राज्यीय नदी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उनसे मिलने की इच्छा जताई थी। सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश की कमी को ध्यान में रखते हुए आनुपातिक आधार पर कावेरी का पानी छोड़े जाने की मांग कर सकते हैं।
वहीं इस प्रस्तावित बैठक की तमिलनाडु में विपक्षी दलों DMK और PMK ने आलोचना की है। उन्होंने विजय से बातचीत करने के बजाय कानूनी रास्ते अपनाने का आग्रह किया है। नई दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि कावेरी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने दोनों राज्यों के हितों की रक्षा की है।
पीएम मोदी से भी की सूखे पर बात
डीके शिवकुमार ने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्नाटक को अपने क्षेत्र में बैलेंसिंग जलाशय बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों की सहमति की आवश्यकता नहीं है। शिवकुमार ने कहा कि जल शक्ति मंत्री ने राज्यसभा में अंबुमणि रामदास के एक सवाल का जवाब देते हुए इस बात को दोहराया। मैं कर्नाटक की ओर से उन्हें धन्यवाद देता हूं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में अपनी हालिया बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य में सूखे की बिगड़ती स्थिति के बारे में अवगत कराया था।
डीके शिवकुमार ने मांगा सबका साथ
शिवकुमार ने कहा कि अल्मट्टी और हारंगी जलाशयों को छोड़कर, अधिकांश प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर बहुत कम है, जिससे अगर सूखा जारी रहता है तो लोगों और मवेशियों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने सांसदों से कहा कि मैंने केंद्र से सहायता के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। आवश्यक सहायता प्राप्त करने के लिए हमें आपके समर्थन की आवश्यकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत
शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने किसानों को जलाशय में पानी के भंडारण के आधार पर बुवाई की योजना बनाने की सलाह दी है और अधिकारियों को जल संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करने का निर्देश दिया है। कृष्णा जल विवाद पर, उन्होंने कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले की अधिसूचना से संबंधित मुद्दों की सुनवाई के लिए एक विशेष पीठ गठित करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि राज्य महादयी परियोजना में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कानूनी विशेषज्ञों से भी परामर्श करेगा और केंद्र के साथ राज्य की लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक अलग रेजिडेंट कमिश्नर के नेतृत्व में एक समर्पित टीम बनाकर नई दिल्ली में कर्नाटक भवन को मजबूत करेगा। सहयोग की अपील करते हुए, शिवकुमार ने कर्नाटक के सांसदों से राजनीतिक मतभेद भुलाकर साथ मिलकर काम करने और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर व सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र से मंज़ूरी हासिल करने का आग्रह किया।



















