भारतीय शेयर बाजार आज बुधवार को भारी बढ़त के साथ खुला है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 658 अंक की बढ़त के साथ 77,423.77 पर खुला। शुरुआती कारोबार में 9 बजकर 50 मिनट पर यह 1.06 फीसदी या 816 अंक की बढ़त के साथ 77,584 पर ट्रेड करता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 23 शेयर हरे निशान पर और 7 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 0.90 फीसदी या 216 अंक की बढ़त के साथ 24,201 पर ट्रेड करता दिखा।
क्या है इस तेजी की वजह
आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी
आज के कारोबार में इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसे आईटी शेयर सबसे ज्यादा चमके। इसकी बड़ी वजह यह रही कि दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में बिकवाली के बाद पारंपरिक आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 9 फीसदी टूट गया। जापान का निक्की 4 फीसदी से ज्यादा और ताइवान वेटेड इंडेक्स भी 4 फीसदी से अधिक गिर गया। इन बाजारों में बड़ी संख्या में चिप और AI से जुड़ी कंपनियां लिस्ट हैं। वहीं, भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधे निर्भर बड़ी लिस्टेड कंपनियों की संख्या कम है। ऐसे में वैश्विक AI सेक्टर में चल रही बिकवाली का असर भारतीय बाजार पर सीमित देखने को मिला।
रुपये की मजबूती ने बढ़ाया भरोसा
डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 12 पैसे मजबूत होकर 95.70 पर पहुंच गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों से रुपये को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संभावित हस्तक्षेप का भी सपोर्ट मिल रहा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, आने वाले दिनों में रुपये की चाल कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स, विदेशी निवेशकों के निवेश और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर निर्भर करेगी। निकट भविष्य में रुपया 95.50 से 96.25 के दायरे में रह सकता है।
विदेशी निवेशकों ने फिर दिखाई दिलचस्पी
मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में 755 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों तक वे बिकवाली कर रहे थे। हालांकि, यह खरीदारी पिछले दिनों की बिकवाली के मुकाबले छोटी है, लेकिन विदेशी निवेशकों के फिर से खरीदारी करने से बाजार में सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
अमेरिकी फेड के फैसले पर टिकी नजर
आज अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी FOMC बैठक का नतीजा घोषित करेगा। बाजार को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, महंगाई और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। ऐसे में फेड की टिप्पणी और आगे का रुख वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। निवेशक इसी वजह से उसके फैसले पर नजर बनाए हुए हैं।



















