नयी दिल्ली। कोविड-19 के खिलाफ भारत के देशव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत के पहले दिन यहां एक अस्पताल में टीका लगवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाये जाने के बाद चॉकलेट, केक और जूस दिये गये और शुरु में थोड़े सहमे कुछ स्वास्थ्य कर्मियों के चेहरे पर इन उपहारों से मुस्कान आ गयी। राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में टीका लगाये जाने के बाद गिफ्ट हैंपर पाकर स्वास्थ्य कर्मी खुश हो गये। अस्पताल में कार्डियो सर्जन और कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ अजीत जैन ने कहा, पहले से गिफ्ट हैंपर की योजना नहीं थी। अचानक यह फैसला हुआ और हमें खुशी है कि इनसे कर्मियों के चेहरों पर मुस्कान आई। हम इस बारे में सोचेंगे कि इसे जारी रखें या नहीं। अस्पताल के फेफड़ा रोग विभाग के प्रमुख डॉ विकास डोगरा को अस्पताल में शनिवार को सबसे पहले टीका लगाया गया। उन्होंने कहा,मुझे खुशी है कि सबसे पहले राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मुझे टीका लगाया गया। मुझे टीकाकरण के बाद कोई कठिनाई नहीं हुई। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि टीका सुरक्षित नहीं है, मैं बताना चाहता हूं कि वे विशेषज्ञ नहीं हैं। हम टीके की प्रगति पर लगातार नजर रख रहे हैं। ये अटकलें बेबुनियाद हैं और मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि अफवाहों पर ध्यान न दें। अस्पताल में अपराह्न दो बजे तक 37 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया। अप्रैल, 2020 में कोरोना वायरस संक्रमित हो चुकीं नर्स शाहीन रियाजुद्दीन ने कहा, ”डॉक्टर ने मुझे बताया कि मेरी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण मुझे संक्रमण हुआ था। हमारे वरिष्ठों ने हमें टीकाकरण के बारे में बताया और कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। मुझे कल बताया गया कि मुझे शनिवार को टीका लगाया जाएगा। मैं केंद्र में जाते समय थोड़ी घबराई हुई थी, लेकिन टीका लगने के बाद सबकुछ ठीक है। टीकाकरण के बाद कर्मियों को आधे घंटे तक निगरानी में रखा गया। डॉ जैन ने कहा कि टीकाकरण के बाद जिन कर्मियों को असहज महसूस होता है, उनके लिए एक आपातकालीन कक्ष है।
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