ऋषिकेश : ऋषिकेश के बजरंग सेतु पर आने वाले पर्यटकों को जल्द ही इसके ग्लास स्काईवॉक ( कांच वाला पुल ) पर चलने के लिए एंट्री फीस देनी होगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने एसओपी तैयार की है। जिसे राज्य सरकार से भी मंजूरी मिल गई है। अब जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। विभाग जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसके बाद पुल पर बने ग्लास वॉकवे पर जाने के लिए बच्चों से 50 रूपए और बड़ों से 100 रूपए का शुल्क लिया जाएगा।
ये शुल्क दो घंटे के लिए निर्धारित होगा। विभाग का कहना है कि बजरंग सेतु पर बने स्काईवॉक के देखरेख और साफ सफाई के लिए शुल्क लिया जा रहा है। जिससे इसकी देखरेख सही तरीके से किया जा सके। बताया गया है कि स्काईवॉक पर सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही रास्ता खुला रहेगा। हालांकि बीच का रास्ता 24 घंटे खुला रहेगा।
69.20 करोड़ रुपये की लागत
कांवड़ यात्रा के दौरान कांच वाले हिस्से को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 132.30 मीटर लंबे पुल का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। पांच परतों वाले टफेंड ग्लास से बने ग्लास स्काईवॉक की सुरक्षा और निगरानी को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। बता दें कि बजरंग सेतु ऋषिकेश का नया और आधुनिक पुल है। इसे शहर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पर्यटकों की सहूलियत के हिसाब से तैयार किया गया है।
अलग ग्लास वॉकवे
खास बात ये है कि इस पुल पर पैदल चलने वालों के लिए अलग ग्लास वॉकवे बनाया गया है, जहां चलते हुए नीचे बहती गंगा का नजारा बेहद रोमांचक लगता है। बजरंग सेतु से गंगा, पहाड़ और आसपास का पूरा दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है। पर्यटकों के लिए यह ऋषिकेश की नई पहचान और घूमने लायक खास जगहों में शामिल हो गया है।
क्यों खास है बजरंग सेतु
इस पुल पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त चौड़ाई दी गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव काफी कम हुआ है। हालांकि इसकी सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होते आए हैं। लक्ष्मण झूला के विकल्प के तौर पर तैयार किए गए इस आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज को तकनीक, सुरक्षा और पर्यटन, तीनों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। बजरंग सेतु का सामान्य हिस्सा आम आवाजाही के लिए उपलब्ध रहेगा। लेकिन पुल के दोनों किनारों पर बनाए गए ग्लास वॉकवे को लेकर अलग व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में आमजन इस पुल के ग्लास वॉकवे पर बिना पैसे दिए नहीं चल पांएंगे।



















