अमेरिका ने ईरान की महान एयरलाइन को मदद करने के आरोप में छह संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें से एक भारत की स्कीज ट्रैवल्स भी शामिल है। अमेरिका ने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं ने एक आतंकवादी संगठन को चलाने में मदद की।
महान एयर के लिए काम करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध
अमेरिकी वित्त विभाग ने बीते गुरुवार को महान एयर के लिए ‘जनरल सेल्स एजेंट’ के तौर पर काम करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंधों का ऐलान किया। वित्त विभाग ने कहा कि ये कंपनियां ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की मदद कर रही हैं। अमेरिकी वित्त विभाग के सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा कि जो लोग IRGC या महान एयर को फाइनेंशियल सर्विस, लॉजिस्टिक्स या कमर्शियल सपोर्ट देते हैं, वे एक आतंकवादी संगठन को चलाने में मदद कर रहे हैं।
स्कीज़ ट्रैवल्स 2020 से कर रही महान एयरवेज के लिए काम
बेसेंट ने आगे कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ऐसे लोगों की पहचान कर बेनकाब करने में जुटी हुई है। उन्हें अमेरिकी फाइनेंशियल सिस्टम से बाहर करने का काम जारी रहेगा। अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करने वाली ‘स्कीज़ ट्रैवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया है कि उसने साल 2020 से ईरान की महान एयरवेज के लिए जनरल सेल्स एजेंट के तौर पर काम करना शुरू किया था।
महान एयरवेज IRGC की मदद कर रही
अमेरिका ने कहा कि ईरान की महान एयरलाइन खुद को एक सिविलियन एयरलाइन बताती है, लेकिन यह लंबे वक्त से ईरान की IRGC को मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि यह IRGC-कुद्स फोर्स के कर्मचारियों के लिए यात्रा की सुविधा देती है। यह मिलिट्री ट्रेनिंग में मदद करती है। ईरान के एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस को UAV व हथियारों को पहुंचाने में भी मदद करती है।
प्रतिबंधों की लिस्ट में चीन और रूस की कंपनियां भी शामिल
अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करने वाले महान एयर के अन्य GSA में एक चीन की कंपनी ‘शंघाई विंग्स इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स कंपनी’, रूस की ‘एयर कार्गो प्रो लिमिटेड’ और ‘शंघाई एलीट इंटरनेशनल ट्रैवल कंपनी’ शामिल हैं। चीन की ‘तांग ज़िन’ शंघाई विंग्स की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और उन्होंने महान एयर के लिए यात्रा से जुड़े कामों में तालमेल बिठाया है। तांग ज़िन ‘शंघाई एलीट’ की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और 50 प्रतिशत की मालिक भी हैं। यह कंपनी चीन में महान एयर का प्रतिनिधित्व करती है।
ट्रेजरी विभाग ने ‘दादेनेगर स्टार्टअप स्टूडियो’ को भी ईरान के IRGC से जुड़ी एक ‘फ्रंट कंपनी’ (मुखौटा कंपनी) करार दिया है। यह कंपनी एक वेबसाइट के ज़रिए मिलिट्री टारगेटिंग में मदद करती है। ट्रेजरी विभाग ने एक बयान में कहा कि दादेनेगर ने ईरानी मिलिट्री टारगेटिंग में मदद के लिए अमेरिकी और इजरायली उपकरणों की लोकेशन की जानकारी मांगी थी। विभाग ने यह भी कहा कि IRGC के साथ मिलकर काम करते हुए, इस फ्रंट कंपनी को मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर हमले के अनुरोध मिले थे।



















